बिहार के सीमावर्ती जिले किशनगंज में सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों का सशक्त और अनुशासित नजारा देखने को मिला, जब शहर के प्रमुख इलाकों में अचानक सायरन की तेज़ गूंज सुनाई दी। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा आयोजित इस मॉक ड्रिल ने कुछ ही मिनटों में पूरे शहर के माहौल को सतर्कता और सुरक्षा अभ्यास के मोड में बदल दिया।

लगातार करीब 15 मिनट तक सायरन बजते रहे, जिसके बाद डीएम कार्यालय, बिहार बस स्टैंड और गांधी चौक जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। इस दौरान सुरक्षा बलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे इलाके में अपनी तैनाती सुनिश्चित की और स्थिति पर नियंत्रण का अभ्यास किया। इस पूरे अभ्यास का नेतृत्व स्वयं जिला पदाधिकारी Vishal Raj और पुलिस अधीक्षक Santosh Kumar ने किया। दोनों अधिकारियों ने मौके पर मौजूद रहकर सुरक्षा व्यवस्था और रिस्पॉन्स टाइम का बारीकी से निरीक्षण किया।
लोगों ने प्रशासन की इस तैयारी को सराहा
डीएम विशाल राज ने बताया कि इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य किसी भी आकस्मिक संकट, आपदा या सुरक्षा चूक की स्थिति में प्रशासन और सुरक्षा बलों की तत्परता और आपसी समन्वय को परखना था। मॉक ड्रिल के दौरान जवानों ने अत्याधुनिक हथियारों और सुरक्षा उपकरणों के साथ अपनी रणनीतिक पोजीशन ली, जिससे बस स्टैंड और गांधी चौक जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में वास्तविक जैसी स्थिति बन गई। अचानक हुई इस कार्रवाई से आम नागरिकों में कुछ समय के लिए हलचल जरूर हुई, लेकिन बाद में लोगों ने प्रशासन की इस तैयारी को सराहा।

पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने कहा कि इस अभ्यास का उद्देश्य सभी विभागों को किसी भी आपात स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रखना है। सायरन बजते ही सभी एजेंसियों ने जिस तेजी और समन्वय के साथ अपनी भूमिका निभाई, वह संतोषजनक रही। यह मॉक ड्रिल न केवल सुरक्षा बलों की क्षमता का मूल्यांकन करने में सफल रही, बल्कि आम जनता के बीच सुरक्षा और भरोसे की भावना को भी मजबूत करने का काम किया।
किशनगंज से मसरूर रईस की रिपोर्ट