NEWS PR डेस्क: बिहार में इन दिनों एक आईएएस अधिकारी का नाम राजनीतिक गलियारों से लेकर विधानसभा तक चर्चा में है। मामला चार्टर प्लेन से जुड़ा है और विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। इस विवाद के केंद्र में हैं बिहार कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी निलेश रामचंद्र देवरे।
कौन हैं आईएएस निलेश रामचंद्र देवरे?
निलेश रामचंद्र देवरे बिहार कैडर के 2011 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। मूल रूप से महाराष्ट्र के नासिक के रहने वाले देवरे का जन्म एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। उनके पिता कृषि विभाग में अधिकारी रहे हैं और अब सेवानिवृत्त हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं।
शुरुआत में देवरे डॉक्टर बनना चाहते थे। उन्होंने नवी मुंबई के एक निजी कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई की। इसी दौरान उनके भीतर सिविल सेवा में जाने का जज़्बा पैदा हुआ और उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की। वर्ष 2011 में वे भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयनित हुए और बिहार कैडर मिला।
बिहार के कई जिलों में संभाली जिम्मेदारी
वर्तमान में निलेश देवरे बिहार सरकार के पर्यटन विभाग में सचिव पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले वे मधुबनी, बांका, छपरा और बेतिया जैसे जिलों में जिलाधिकारी के रूप में सेवाएं दे चुके हैं।
सितंबर 2022 में उन्हें केंद्रीय नागरिक उड्डयन एवं इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के निजी सचिव के रूप में भी नियुक्त किया गया था। प्रशासनिक हलकों में उन्हें एक सख्त और अनुशासित अधिकारी माना जाता है।
क्या है चार्टर प्लेन विवाद?
बताया जा रहा है कि जुलाई 2025 में निलेश देवरे अपने परिवार के साथ एक चार्टर प्लेन से पटना पहुंचे थे। इसी यात्रा को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं।
आरजेडी विधायक राहुल शर्मा ने विधानसभा में मुद्दा उठाते हुए पूछा कि एक आईएएस अधिकारी ने चार्टर विमान से यात्रा की तो उसका खर्च किसने वहन किया? क्या यह निजी खर्च था या किसी और ने भुगतान किया?
मंत्री अशोक चौधरी का जवाब
इस मामले पर 16 फरवरी 2026 को जेडीयू कोटे से मंत्री अशोक चौधरी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह घटना पिछले वर्ष जुलाई की है और उस समय वे स्वयं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ उसी विमान में थे।
अशोक चौधरी ने कहा कि यदि संबंधित विभाग का कोई अधिकारी उसी विमान से परिवार सहित लौटता है तो इसमें आपत्ति की क्या बात है? उन्होंने विपक्ष पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप लगाने का भी आरोप लगाया और कहा कि क्या दलित और पिछड़े वर्ग के लोगों को हवाई यात्रा का अधिकार नहीं है?
सियासी बयानबाजी तेज
चार्टर प्लेन को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है। विपक्ष पारदर्शिता की मांग कर रहा है, वहीं सरकार इसे अनावश्यक मुद्दा बताकर खारिज कर रही है। आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।