अपने गांव की तरह बना दीजिए बिहार को नीतीश जी, यहा कोरोना से एक की भी मौत नही

Sanjeev Shrivastava

NEWSPR DESK- बिहार कोरोना के दूसरे लहर से त्राहिमाम कर रहा है वहीं दूसरी ओर यह खबर सामने आ रही है कि स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सीएम नीतीश कुमार के काम पर सवाल उठाए जा रहे हैं वहीं दूसरी तरफ बात अगर उनके पैतृक गांव कल्यानबीघा की करें तो यहां कोरोना की मौजूदगी लगभग नहीं के बराबर है 2500 की इस आबादी वाले गांव में सिर्फ 5 लोग संक्रमित हुए उन्हें भी गांव में ही इतना बेहतर इलाज मिला की बीमारी से मुक्ति मिल गए जहां बिहार में हजारों लोग कोरोना से मारे गए हैं सीएम नीतीश के गांव में अब तक किसी की मौत नहीं हुई है.

नीतीश जी के गांव में 90 फिसदी टीकाकरण:

आपको बता दें के सीएम नीतीश कुमार के गांव में 90 फिसदी लोगों ने कोरोना का टीका लगवाया है पंचायत के सभी लोगों की जांच भी की गई है ग्रामीण बताते हैं कि गांव में स्वास्थ्य व्यवस्था अच्छी होने के कारण ही कोरोना यहां नहीं फैल सका खुद नीतीश कुमार फोन पर गांव के लोगों से बात करते रहते हैं और उन्हें बीमारी को लेकर जागरूक करते हैं गांव के लोगों का कहना है कि यहां की स्वास्थ्य व्यवस्था इतनी अच्छी है की बीमारी के इलाज के लिए बाहर जाने के लिए जरूरत नहीं पड़ती है.

महज 24 घंटे मे कम्युनिटी किचन:

आपको बता दें कि सीएम नीतीश जी का गांव बराह पंचायत में आता है इस पंचायत में कल्यानबीघा के अलावा बलवापर, महथुआ, डिहरा, दलदलीचक, टांड़पर गांव आते  जिनकी कुल आबादी 13 हजार के करीब है। इस पंचायत में सभी लोगों के लिए सामुदायिक   किचन की व्यवस्था की गई है, जहां कभी भी कोई भी व्यक्ति जाकर खाना खा सकता है। गांव में दूसरी व्यवस्था की बातें करें तो यहां 12वीं तक स्कूल, आईटीआई, शूटिंग रेंज, पावर सब-स्टेशन और बैंक भी है।

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