NEWS PR डेस्क: बिहार सरकार के खुले में मांस और मछली की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के फैसले के बाद कई जिलों में विरोध शुरू हो गया है। नवादा में मछली विक्रेताओं ने इस आदेश के खिलाफ खुलकर नाराजगी जताई है और बिना वैकल्पिक व्यवस्था के आदेश मानने से इनकार कर दिया है।
जिले के प्रमुख बाजार पाठ नवादा में मछली विक्रेता संघ ने बैठक कर सरकार के निर्णय का विरोध किया। संघ के अध्यक्ष अशोक कुमार क्रांति ने इसे दमनकारी और अव्यवहारिक बताते हुए कहा कि प्रतिबंध लगाने से पहले सरकार को विक्रेताओं के लिए उचित व्यवस्था करनी चाहिए थी।
विक्रेताओं का कहना है कि लगभग 30 वर्ष पहले बना मछली शेड अब जर्जर हो चुका है और वहां व्यवसाय करना मुश्किल है। उन्होंने मांग की है कि नदी किनारे एक नया, स्वच्छ और व्यवस्थित शेड बनाया जाए ताकि वे नियमों के अनुरूप कारोबार कर सकें।
लाइसेंसधारी दुकानदारों ने भी सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब तक बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जातीं, तब तक वे खुले में ही बिक्री जारी रखेंगे।
इस बीच, विजय सिन्हा ने विधानसभा में घोषणा की है कि खुले में मांस की बिक्री की अनुमति नहीं दी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और मांस की दुकानों के लिए वैध लाइसेंस अनिवार्य होगा।
सरकार के फैसले और विक्रेताओं के विरोध के बीच अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है और क्या विक्रेताओं के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जाती है।