सीतामढ़ी के उर्दू स्कूल में मिड-डे-मील घोटाला उजागर, रिटायर्ड रसोइयों के नाम पर हो रहा भुगतान

मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आयुष कुमार ने कहा कि बच्चों के अधिकारों के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्यान्न में गड़बड़ी और सेवानिवृत्त कर्मियों के नाम पर भुगतान बेहद गंभीर मामला है और इसमें दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: सीतामढ़ी, 03 मई। सीतामढ़ी जिले के परिहार प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय बेतहा उर्दू में मध्याह्न भोजन योजना में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। जांच के बाद शिक्षा विभाग ने प्रधानाध्यापक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की है।

यह मामला वार्ड सदस्य मो. परवेज आलम अंसारी की शिकायत पर 16 अप्रैल 2026 को कराई गई जांच में उजागर हुआ। जांच के दौरान पाया गया कि विद्यालय में 162 नामांकित छात्रों के मुकाबले उपस्थिति पंजी में 79 बच्चों की उपस्थिति दर्ज थी, जबकि मौके पर केवल 74 छात्र ही मौजूद थे। इससे रिकॉर्ड और वास्तविकता के बीच अंतर स्पष्ट हुआ।

खाद्यान्न वितरण में भी गड़बड़ी सामने आई। पोषाहार पंजी में 290.5 किलोग्राम खाद्यान्न दर्ज किया गया था, लेकिन भौतिक सत्यापन में मात्र 250 किलोग्राम ही उपलब्ध मिला। करीब 25 किलोग्राम अनाज की कमी ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार अंडा नहीं दिया जा रहा है और 7 अप्रैल को प्राप्त पाठ्यपुस्तकों का वितरण भी अब तक नहीं हुआ है।

जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा रसोइयों के मानदेय को लेकर हुआ। पाया गया कि सेवानिवृत्त रसोइया बिन्दा सिंह और समपतिया देवी के नाम पर अब भी उपस्थिति दर्ज कर भुगतान किया जा रहा है, जबकि दोनों सेवा से रिटायर हो चुके हैं। ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि ये दोनों पहले से वृद्धा पेंशन का लाभ ले रहे हैं। इसके अलावा एक अन्य रसोइया फकीरा सिंह के संबंध में भी पेंशन लेने की बात सामने आई है।

इसके साथ ही विद्यालय शिक्षा समिति की बैठक नियमित रूप से नहीं होने और पूर्व प्रभारी द्वारा अब भी खाते का संचालन किए जाने जैसी अनियमितताएं भी सामने आई हैं।

मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आयुष कुमार ने कहा कि बच्चों के अधिकारों के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्यान्न में गड़बड़ी और सेवानिवृत्त कर्मियों के नाम पर भुगतान बेहद गंभीर मामला है और इसमें दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल विभाग ने संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर अब कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

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