NEWS PR डेस्क : पंचायत राज मंत्री दीपक प्रकाश ने केंद्र से महिला हितैषी पंचायत की राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित करने की मांग की है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि बोगस वोट रोकने के लिए ऑन-कैमरा वोटिंग की व्यवस्था की जाएगी।
बिहार के पंचायत राज मंत्री दीपक प्रकाश ने एक बार फिर विभाग में बड़े बदलाव का संकेत दिया है। लगातार नई पहल करने वाले दीपक प्रकाश ने महिला हितैषी पंचायत की राष्ट्रीय कार्यशाला की मेजबानी करने की अनुमति मांगने की योजना बनाई है। मंत्री ने चुनाव प्रणाली में अभिनव प्रयोग करने की घोषणा की है और बोगस वोटिंग रोकने के लिए ऑन-कैमरा वोटिंग लागू करने का ऐलान भी किया।
28 जनवरी को दीपक प्रकाश नई दिल्ली में एनएएससी कॉम्प्लेक्स, कन्वेंशन सेंटर में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में आयोजित “ग्रामीण जलापूर्ति अवसंरचना के संचालन एवं रखरखाव (ओ एंड एम) पर नीति संवाद” कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजना के तहत केंद्रांश मद की शेष 83 करोड़ रुपये की राशि शीघ्र विमुक्त करने का अनुरोध किया।
बिहार के पंचायत राज मंत्री दीपक प्रकाश ने केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन से राज्य के पंचायत विभाग के लिए बजट वृद्धि की मांग की। उन्होंने बताया कि जिला पंचायत संसाधन केंद्रों में कंप्यूटर लैब को मजबूत करना, ई-गवर्नेंस कार्यों का प्रभावी क्रियान्वयन और पंचायत स्तर पर आईटी आधारित सेवाओं का सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त बजट जरूरी है। इसके अलावा, दीपक प्रकाश ने मुलाकात के दौरान 15वीं वित्त आयोग से अनुशंसित बकाया अनुदान 803.79 करोड़ रुपये, स्वास्थ्य क्षेत्र के शेष 2622.65 करोड़ रुपये और राज्य की ग्राम पंचायतों में बने पंचायत भवनों के निर्माण, संचालन और रख-रखाव के लिए प्रतिवर्ष वित्तीय सहायता की मांग की।
बिहार के पंचायत राज मंत्री दीपक प्रकाश ने विभाग को और अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह से नई दिल्ली में मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने महिला हितैषी पंचायत से जुड़ी राष्ट्रीय कार्यशाला के आयोजन की मेजबानी बिहार को सौंपने का विशेष अनुरोध किया। दीपक प्रकाश का मानना है कि विभाग को सक्रिय बनाए रखने से ही ग्रामीण प्रशासन में सुधार संभव है। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला की मेजबानी न केवल विभाग को नई ऊर्जा देगी, बल्कि बिहार की क्षमता और उपलब्धियों को देश और दुनिया के सामने उजागर करने का अवसर भी प्रदान करेगी।