NEWSPR डेस्क। भागलपुर के नवगछिया से चौंकाने वाली एक खबर सामने आई है। यह सब सुनकर कुछ समय तक आपको भी विश्वास नहीं होगा लेकिन अपने बेटे को देखने की चाहत में एक मां की तड़प देखकर अब हर हकीकत जानने को बेताब है। बताया जा रहा है कि नवगछिया में परबत्ता थाना क्षेत्र के गोनरचक में 11 साल के लवकुश को इसी साल अप्रैल महीना में सांप ने काटा था। इस संबंध में लवकुश की मां माला देवी ने बताया कि सांप के काटने से उनके बेटे की मौत हुई थी। इसके बाद उसे मान्यता के अनुसार नदी में बहा दिया गया था।
नवगछिया में ही रंगरा थाना क्षेत्र के उसरैहिया गांव में 6 साल के अक्षय को भी सांप ने पिछले साल अगस्त में काटा था। वहीं सर्प दंश की घटना के बाद बच्चे का शरीर ठंडा पड़ गया। अंधविश्वास की गिरफ्त में आकर उसका झाड़ – फूंक भी करवाया गया लेकिन जब इससे भी फायदा नहीं हुआ और बच्चों को मृत समझकर मान्यता के अनुसार दोनों बच्चों का अंतिम संस्कार न करवाकर उसे नदी में बहा दिया गया था।
वहीं मृत बालक अक्षय की मां आभा देवी ने बताया की घटना के बाद उन्होंने मान लिया था कि अब उनके बच्चे इस दुनिया में नहीं रहे। लेकिन इसी बीच घटना के कुछ ही दिन बाद बंगाल से एक आदमी का फोन आता है, जिसमें उनके बच्चे के जिंदा होने की बात बताई जाती है। फिर क्या था देखते ही देखते माता – पिता के दिल की धड़कनें तेज हो गई। बच्चे के माता – पिता अपने कलेजे के टुकड़ों को खोजने में लग जाते हैं।
अक्षय की मां आभा देवी की मानें तो काफी खोजबीन के बाद भी जब वह अपने बेटे को नहीं खोज पाई तो वह अपने परिवार वालों के साथ मिलकर मदद के लिए नवगछिया पुलिस के पास कई दफा गई, लेकिन पुलिस ने उनकी कोई मदद नहीं की तो दोनों बच्चों के माता – पिता अपने आंख के तारे बच्चों को खोजने की फरियाद लेकर डीआईजी सुजीत कुमार के दफ्तर पहुंचे। वहीं मामला काफी अहम और भावनात्मक होने के कारण डीआईजी सुजीत कुमार ने पूरे मामले की जांच कर जल्द रिपोर्ट देने के लिए नवगछिया के एसपी सुशांत कुमार सरोज को निर्देशित किया है।
वीडियो कॉल पर बच्चे को दिखाया लेकिन उसके बाद से संपर्क नहीं हो पाया : इस अजीबोगरीब घटना के बाद दोनों बच्चों के माता – पिता ने बताया की बंगाल से फोन करने वाले शख्स ने पहले उनके बेटे के जिंदा होने की बात बताई थी। लेकिन जब उन लोगों ने इसपर संदेह जताया तो उन्हें वीडियो कॉल पर और वॉइस रिकॉर्डिंग के माध्यम से दोनों बच्चों के जिंदा होने का साक्ष्य दिया गया। वहीं अक्षय की मां आभा देवी और लवकुश की मां माला देवी ने कहा कि जिस नम्बर से फोन आया था। उस नम्बर पर ही दुबारा फोन कर कई बार पुनः संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन फोन नहीं लगा। ऐसे में माता – पिता का चिंता बढ़ना लाजमी था और ऐसा हुआ भी। पैसों की किल्लत और घर में कोई पड़ा लिखा नहीं होना भी एक अलग परेशानी थी। इसी वजह से बच्चों को खोजने में जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
भागलपुर से श्यामानंद सिंह की रिपोर्ट…