NEWS PR डेस्क: पटना। अवैध बालू खनन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राजद के पूर्व विधायक अरुण यादव, उनकी पत्नी किरण देवी, दो बेटों राजेश कुमार रंजन और दीपू कुमार के साथ उनकी कंपनी ‘किरण दुर्गा कॉन्ट्रैक्टर्स’ के खिलाफ विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की है।
ईडी की जांच में सामने आया है कि आरोपितों ने अवैध बालू खनन, भ्रष्टाचार और अन्य आपराधिक गतिविधियों के जरिए बड़ी मात्रा में संपत्ति अर्जित की। जांच एजेंसी के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2014-15 से 2024-25 के बीच आरोपितों ने करीब 39.31 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति बनाई, जबकि इसी अवधि में उनकी वैध आय लगभग 2.65 करोड़ रुपये ही पाई गई।
इस मामले की जांच के दौरान ईडी ने 27 फरवरी 2024 को अरुण यादव और उनसे जुड़े ठिकानों पर छापेमारी भी की थी। छापेमारी के बाद एजेंसी ने कई अहम दस्तावेज और वित्तीय लेन-देन से जुड़े साक्ष्य जुटाए थे, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की गई।
जांच में यह भी सामने आया है कि अरुण यादव ने कथित तौर पर फर्जी कंपनी ‘किरण दुर्गा कॉन्ट्रैक्टर्स’ के माध्यम से मां मराचिया देवी कॉम्प्लेक्स में चार फ्लैट खरीदे थे। ये चारों फ्लैट बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी द्वारा उनकी कंपनी को बेचे गए थे।
ईडी का दावा है कि अवैध खनन और अन्य माध्यमों से अर्जित धन को विभिन्न संपत्तियों में निवेश कर उसे वैध दिखाने की कोशिश की गई। चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब इस मामले में विशेष अदालत में आगे की सुनवाई होगी।