NEWS PR डेस्क: पटना में मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान नारकोटिक्स विभाग की टीम पर हमले का गंभीर मामला सामने आया है। छापेमारी के लिए पहुंची पांच सदस्यीय टीम को स्थानीय लोगों और कुछ असामाजिक तत्वों ने घेर लिया, जिसके बाद स्थिति तेजी से हिंसक हो गई।
जानकारी के अनुसार, टीम जैसे ही इलाके में पहुंची, वहां मौजूद लोगों ने विरोध शुरू कर दिया और देखते ही देखते पत्थरबाजी शुरू हो गई। हालात इतने बिगड़ गए कि अफरा-तफरी के बीच टीम को अपनी सुरक्षा के लिए फायरिंग करनी पड़ी। बताया जा रहा है कि करीब 3 से 4 राउंड गोलियां चलाई गईं। इस दौरान टीम के दो सदस्यों को हल्की चोटें भी आई हैं।
तनावपूर्ण माहौल के बीच नारकोटिक्स टीम ने आकाश धांगर नाम के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, हालांकि भीड़ के कारण टीम को वहां से सुरक्षित निकलने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
वहीं, आरोपी की मां सुनीता देवी ने पूरी कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उनके बेटे को फंसाया गया है। उनका कहना है कि छापेमारी के दौरान कुछ लोगों ने उनके बेटे के सामने स्मैक का पैकेट फेंक दिया, जिसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया। उन्होंने फायरिंग की भी पुष्टि की और कहा कि गोली चलने के बाद इलाके में दहशत फैल गई और लोग घरों में छिप गए।
स्थिति बिगड़ते देख बुद्धा कॉलोनी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची, जिसके बाद हालात पर काबू पाया जा सका। पुलिस बल की मौजूदगी में ही नारकोटिक्स टीम आरोपी को लेकर सुरक्षित बाहर निकल पाई।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी आकाश धांगर का आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी मादक पदार्थ तस्करी के मामलों में जेल जा चुका है।
एएसपी (लॉ एंड ऑर्डर) कृष्ण मुरारी प्रसाद ने बताया कि टीम नियमित कार्रवाई के तहत छापेमारी के लिए गई थी, लेकिन कुछ लोगों ने विरोध करते हुए हमला कर दिया। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और हमले में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।