महिला आर्थिक सशक्तीकरण को नई गति, मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 600 करोड़ का हस्तांतरण

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क: रक्षाबंधन के पावन अवसर पर बिहार में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर एवं उद्यमशील बनाने के उद्देश्य से ‘समृद्ध महिला–समृद्ध बिहार अभियान’ का शुभारंभ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा किया गया। बापू सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास एवं सूचना एवं जन-संपर्क मंत्री श्रवण कुमार, मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री मदन सहनी, वरिष्ठ पदाधिकारीगण, जीविका के पदाधिकारी एवं कर्मी तथा विभिन्न जिलों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ी जीविका दीदियाँ एवं महिला लाभार्थी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री तथा उपस्थित अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

तत्पश्चात, आगत अतिथियों का स्वागत जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी ने पुष्प गुच्छ देकर किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री मदन साहनी ने अपने संबोधन में कहा कि जीविका दीदियों ने दी गई जिम्मेवारी को शत प्रतिशत पूरा किया है। उन्होंने कहा कि जीविका दीदियों द्वारा शराबबंदी की मांग का पूरा बिहार समर्थन करता है।


मंत्री श्रवण कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि आने वाले दिनों में जीविका दीदियों के हुनर और मेहनत से बने उत्पाद अंतराष्ट्रीय बाजार में बिकेंगे । ग्रामीण विकास विभाग इस दिशा में कार्य कर रहा है ।
उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए केवल वित्तीय सहायता पर्याप्त नहीं है। उन्हें उत्पादन, कौशल, उद्यमिता और बाजार की पूरी श्रृंखला से जोड़ना आवश्यक है।

‘समृद्ध महिला–समृद्ध बिहार अभियान’ इस समग्र दृष्टिकोण को धरातल पर उतारने का प्रयास है। इससे महिलाओं की आय में वृद्धि के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।”
‘समृद्ध महिला–समृद्ध बिहार अभियान’ का उद्देश्य महिलाओं को केवल लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि उद्यमी, उत्पादक, रोजगार सृजन और आर्थिक निर्णयों में सहभागी के रूप में स्थापित करना है। महिला की आर्थिक समृद्धि से परिवार की समृद्धि, परिवार की समृद्धि से समाज की समृद्धि और समाज की समृद्धि से एक सशक्त, आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बिहार के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा।

कार्यक्रम के दौरान पटना जिला के नौबतपुर प्रखंड की जीविका दीदी संध्या देवी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने संध्या देवी को उपहार की टोकरी प्रदान किया ।
तत्पश्चात मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत 5 लाख महिला लाभार्थियों को कुल 600 करोड़ रुपये की राशि उनके आधार-संबद्ध बैंक खातों में हस्तांतरित की । इसके साथ ही जीविका निधि के माध्यम से 10,000 महिला लाभार्थियों को ऋण वितरित किया।

महिला उद्यमियों एवं उत्पादक समूहों को उनके उत्पादों के लिए स्थानीय बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से VB-G RAM G के समन्वय से 112 ग्रामीण हाटों के निर्माण कार्य का शुभारंभ भी किया गया। ग्रामीण हाटों के माध्यम से महिलाओं द्वारा निर्मित एवं उत्पादित वस्तुओं के लिए स्थायी बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।


कार्यक्रम में मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग तथा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर भी हस्ताक्षर किया गया। यह साझेदारी सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तीकरण को व्यापक आधार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
‘समृद्ध महिला–समृद्ध बिहार अभियान’ के अंतर्गत अगले पाँच वर्षों में लगभग 20,000 करोड़ रुपये के विभिन्न योजनागत संसाधनों के अभिसरण की परिकल्पना की गई है। इसका उद्देश्य महिलाओं को जीविकोपार्जन गतिविधियों, उद्यमिता, उत्पादन, वित्तीय संसाधन एवं बाजार से जोड़कर उनकी आय और आर्थिक क्षमता में निरंतर वृद्धि करना है।

पिछले दो दशकों में जीविका ने ग्रामीण महिलाओं को 13 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों में संगठित कर बचत, ऋण, आजीविका एवं उद्यमिता के अवसरों से जोड़ा है। अब इन्हीं सशक्त सामुदायिक संस्थाओं को आधार बनाकर पंचायत से राज्य स्तर तक व्यक्तिगत एवं सामूहिक उत्पादन इकाइयों, हाट-बाजार, जीविका मार्ट एवं अन्य विपणन व्यवस्थाओं का व्यापक नेटवर्क विकसित किया जाएगा।
रक्षा बंधन के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में लखपतिया दीदी की कहानियों पर आधारित पुस्तक नारी शक्ति से समृद्धि बिहार एवम समृद्ध महिला समृद्ध बिहार अभियान पर आधारित पुस्तक का विमोचन मुख्यमंत्री एवम मंचासिन अतिथियों के द्वारा किया गया।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि, “समृद्ध महिला–समृद्ध बिहार अभियान केवल महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की योजना नहीं है, बल्कि यह बिहार की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर, उद्यमी और रोजगार सृजक बनाने का व्यापक अभियान है। जब महिला की आय बढ़ती है तो उसका सीधा प्रभाव परिवार, समाज और पूरी अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। हमारा लक्ष्य है कि बिहार की अधिक से अधिक महिलाएँ अपने पैरों पर खड़ी हों, अपने उद्यम को आगे बढ़ाएँ और विकास की मुख्यधारा में नेतृत्वकारी भूमिका निभाएँ। वर्ष 2030 तक एक करोड़ अतिरिक्त महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य बिहार की महिलाओं की क्षमता और सामर्थ्य पर हमारे विश्वास का प्रतीक है।”
रक्षाबंधन के पावन अवसर पर बिहार की जीविका दीदियों को पीएम सूर्य घर का उपहार- उन्होंने कहा कि सुरक्षा और स्नेह के इस पावन पर्व पर बिहार की करीब 10 लाख जीविका दीदियों के घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का संकल्प लिया गया है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत उनके घरों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे।इस पहल से जीविका दीदियों के परिवारों के बिजली खर्च शून्य होगा और सौर ऊर्जा के माध्यम से अतिरिक्त आय के नए अवसर भी सृजित होंगे। रक्षाबंधन पर बिहार की बहनों के लिए यह उपहार आत्मनिर्भरता, स्वच्छ ऊर्जा और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण को आजीविका, कौशल, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़कर इसे आत्मनिर्भरता के स्थायी मॉडल में परिवर्तित किया जाएगा। अपने उद्बोधन में मुख्यमंत्री ने सहयोग पोर्टल की चर्चा की और कहा कि सभी के समस्यायों के समाधान के लिए सहयोग शिविर एक अभियान है ।
कार्यक्रम के अंत में आगत अतिथियों को हिमांशु शर्मा, मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जीविका एवं अनन्या सिंह, अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जीविका ने स्मृति चिन्ह प्रदान किया ।
कार्यक्रम का समापन बिहार गीत मेरे भारत के कंठहार गीत से हुआ।

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