NEWSPR डेस्क। जदयू ट्रेडर्स प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव श्रीवास्तव ने युवाओं को प्रेरित करते हुए स्वामी विवेकानंद के वाक्य उठो जागो और तबतक नहीं रूको जब तक लक्ष्य की प्राप्ती न हो जाए का वर्णन करते हुए युवाओं के लिए संदेश दिया है। उन्होंने कहा है कि देश भर के युवाओं को विवेकावनंद के इस विचार से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होनें कहा कि युवा समाज का रीढ़ हैं। युवा ही देश का वर्तमाण, आने वाला सुनहरा कल हैं। समाज के उत्थान और बेहतर निर्माण के लिए युवा वर्ग का सबसे अधिक योगदान होता है। गहन उर्जा और उच्चि महत्वकाक्षाओं से भरे युवा वर्ग की जरूरत भारत को हर कदम पर है। इसलिए युवाओं में धैर्य होना जरूरी है। खास कर अपने लक्ष्य की प्राप्ती के लिए उन्हें डटकर परिस्थितियों का सामना करना होगा।
युवा पहचानें अपनी काबिलियत
इसलिए यह जरूरी है कि युवाओं को कभी हार नहीं माननी चाहिए या किसी भी कार्य को जल्दी में करने के लिए गलत रास्ता नहीं अपनाना चाहिए। यदि लक्ष्य आपसे दूर है तो उसके पीछे निरंतर भागते रहो और उसे पाने के प्रयास में अपनी पूरी उर्जा झोंक दो। बता दें कि भारत को स्वतंत्र बनाने में युवाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने देश को आजाद कराने के लिए अपनी शक्ति का परिचय दिया था। इसलिए युवा वर्ग को जरूरत है अपनी काबिलियत पहचानने की।
धैर्य से बढ़ें आगे
आज कल के युवा में धैर्य की कमी हो गई है। वह शॉर्टकट अपनाकर गलत रास्ते पर निकल पड़ते हैं। उन्हें तुरंत में ही कुछ बड़ा हासिल करना होता है इसलिए वह रास्ता भटक जाते। आज के दौर में बेरोजगारी भी युवाओं पर कहर की तरह टूटी है। इसलिए प्रतियोगिता और भी ज्यादा तेज हो गई है। इसी प्रतियोगिता में बाजी मारने के लिए युवा धैर्य के बजाय शॉर्टकट अपनाते हैं और आगे बढ़ जाना चाहते हैं। उनके अंदर नकारात्मक सोच भी पनपने लगी है। जिसके कारण वह कई चीजों को गलत तरीके से देखते और करने की कोशिश करते हैं। इसलिए युवाओं द्वारा अपने नकारात्मक सोच और विचार को सकारात्मक विचार में बदलने के लिए स्वामी विवेकानंद के लिखे हुए विचारों को अपनाना चाहिए। उन्हें स्वामी विवेकानंद से प्रेरणा लेनी चाहिए।