NEWS PR डेस्क : वृंदावन में साधारण अंदाज में दिखे निशांत कुमार , मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार इस बार अपनी सादगी और शांति के लिए चर्चा में हैं। उन्होंने वृंदावन की यात्रा के दौरान किसी भी VIP प्रोटोकॉल या सुरक्षा घेरे से दूर रहकर आम लोगों की तरह समय बिताया। निशांत कुमार को ई-रिक्शा में सवार होते और पूजा-पाठ में लीन देखा गया। उनकी ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
सादगी से भरी वृंदावन यात्रा
निशांत कुमार कुछ रिश्तेदारों के साथ वृंदावन की संकरी गलियों में घूमते नजर आए। इस दौरान न तो उनके साथ कोई सरकारी सुरक्षा थी और न ही कोई खास VIP तामझाम। वे आम श्रद्धालुओं की तरह मंदिरों में दर्शन करते और पूजा में शामिल होते दिखाई दिए।स्थानीय लोग जब जान पाए कि सामने मुख्यमंत्री का बेटा हैं, तो काफी हैरान हुए। लोगों का कहना था कि निशांत ने बिल्कुल सामान्य युवक की तरह व्यवहार किया और किसी तरह का दिखावा नहीं किया।
लाइमलाइट से दूर रहने की आदत
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार आमतौर पर मीडिया और सार्वजनिक जीवन से दूरी बनाए रखते हैं। न वे राजनीतिक कार्यक्रमों में अक्सर दिखते हैं, न किसी मंच से बयान देते हैं। यही कारण है कि जब वे किसी सार्वजनिक जगह पर नजर आते हैं, तो तुरंत चर्चा शुरू हो जाती है। बिहार की राजनीति में उनके भविष्य को लेकर समय-समय पर अटकलें लगती रहती हैं, लेकिन अब तक उन्होंने खुद को सक्रिय राजनीति से दूर रखा है।
निशांत कुमार की आध्यात्मिक झुकाव उनकी वृंदावन यात्रा में साफ झलकती है। वे भगवान कृष्ण के परम भक्त माने जाते हैं। निशांत पहले मोबाइल पर ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ सुनते थे, लेकिन आवाज स्पष्ट नहीं आती थी। इसके बाद उन्होंने स्पीकर खरीदा ताकि भजन अच्छे से सुन सकें। यही भक्ति उन्हें वृंदावन तक ले गई, जहां वे साधारण श्रद्धालुओं की तरह दर्शन और पूजा में लीन दिखे।
हाल ही में निशांत कुमार अपने पिता के साथ नालंदा दौरे पर गए। वहां पार्टी कार्यकर्ताओं और गांव के लोगों ने उनसे मिलकर अपनी समस्याएं साझा कीं। निशांत ने कहा था, “देखते हैं, हम करवाते हैं।” इस दौरान उन्होंने गांव की महिलाओं और गरीब बच्चों के बीच कंबल वितरित किए। कुछ तस्वीरों में वे और नीतीश कुमार गेस्ट हाउस में साथ बैठकर नाश्ता करते भी नजर आए।
राजनीति में बढ़ती चर्चाएं
5 दिसंबर को पटना एयरपोर्ट पर निशांत कुमार JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के साथ नजर आए। इस दौरान संजय झा ने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता, समर्थक और शुभचिंतक चाहते हैं कि निशांत अब पार्टी में सक्रिय भूमिका निभाएं। हालांकि, इस फैसले का अंतिम अधिकार निशांत कुमार के पास है।