राज्यसभा जाएंगे CM नीतीश के बेटे निशांत कुमार ! अंदरखाने सब कुछ हो गया फाइनल !

Asha Rai

NEWS PR डेस्क: बिहार में अप्रैल में खाली हो रही राज्यसभा की पांच सीटों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। NDA सभी सीटें जीतने की रणनीति बना रहा है, लेकिन सहयोगी दलों की बढ़ती दावेदारी ने समीकरण जटिल कर दिए हैं।

सबसे ज्यादा चर्चा मुख्यमंत्री Nitish Kumar के बेटे निशांत कुमार को लेकर है। जदयू के भीतर उन्हें राज्यसभा भेजने पर मंथन जारी है, जबकि अंतिम फैसला खुद मुख्यमंत्री के हाथ में माना जा रहा है। बिहार सरकार के मंत्री Vijay Kumar Chaudhary ने कहा है कि यदि निशांत कुमार सक्रिय राजनीति में आते हैं तो पूरी पार्टी उनका स्वागत करेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्यसभा का उम्मीदवार कौन होगा, इसका अंतिम निर्णय नीतीश कुमार ही करेंगे। विजय चौधरी ने दावा किया कि एनडीए राज्यसभा की सभी पांच सीटें जीतने की स्थिति में है।

जदयू कोटे की दो सीटों में से एक पर Ram Nath Thakur की वापसी लगभग तय मानी जा रही है। दूसरी सीट को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। राज्यसभा के उपसभापति Harivansh Narayan Singh का कार्यकाल समाप्त हो रहा है और उनके समर्थक दोबारा मौका देने की मांग कर रहे हैं। वहीं, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव Manish Verma भी संभावित दावेदारों में शामिल हैं। ऐसे में निशांत कुमार की संभावित एंट्री ने चर्चा को और तेज कर दिया है। sath hi एनडीए में शामिल Lok Janshakti Party (Ram Vilas) भी राज्यसभा में प्रतिनिधित्व की मांग कर रही है।

पार्टी ने हाल के विधानसभा चुनाव में अपने प्रदर्शन का हवाला देते हुए एक सीट पर दावा ठोका है। यदि एलजेपी को मौका मिलता है तो Upendra Kushwaha की दावेदारी प्रभावित हो सकती है। उनकी पार्टी Rashtriya Lok Morcha फिलहाल एनडीए का हिस्सा है।वहीं, Jitan Ram Manjhi की पार्टी Hindustani Awam Morcha (Secular) भी अपनी हिस्सेदारी चाहती है। इससे गठबंधन के भीतर सीटों का तालमेल और चुनौतीपूर्ण हो गया है।

आंकड़ों का गणित:

243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 41 वोट आवश्यक हैं। जदयू के 85 और भाजपा के 89 विधायक मिलकर एनडीए को चार सीटों के लिए मजबूत स्थिति में रखते हैं। पांचवीं सीट के लिए अतिरिक्त समर्थन की जरूरत होगी। एनडीए को उम्मीद है कि विपक्षी खेमे में संभावित क्रॉस वोटिंग से उसे फायदा मिल सकता है।

विपक्ष की रणनीति:

विपक्षी गठबंधन में Rashtriya Janata Dal ने उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है। पार्टी के भीतर Tejashwi Yadav के नाम की चर्चा है, हालांकि अंतिम फैसला जीत की संभावनाओं पर निर्भर करेगा। वैकल्पिक तौर पर ए.डी. सिंह का नाम भी सामने आया है।

राज्यसभा की इन पांच सीटों ने बिहार की राजनीति को नई दिशा दे दी है। दावेदारों की बढ़ती सूची और सहयोगी दलों का दबाव एनडीए के लिए चुनौती बना हुआ है। अब सबकी नजर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अंतिम फैसले और नामांकन प्रक्रिया पर टिकी है। आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा कि इस सियासी जंग में किसकी रणनीति भारी पड़ती है।

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