पोषण मिशन 2.0 को रफ्तार: 8.98 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंची आंगनवाड़ी सेवाएं, देशभर में 14.03 लाख केंद्र सक्रिय

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: नई दिल्ली, 23 मार्च। देश में बच्चों और महिलाओं के पोषण व विकास को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार की मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के तहत 14.03 लाख आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से करीब 8.98 करोड़ लाभार्थियों को पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह जानकारी महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री Savitribai Thakur ने लोकसभा में दी।

सरकार ने इस पूरी व्यवस्था को तकनीक से जोड़ते हुए ‘Poshan Tracker’ ऐप लॉन्च किया है, जो आंगनवाड़ी केंद्रों की गतिविधियों की लगभग रियल-टाइम निगरानी करता है। इस ऐप के जरिए लाभार्थियों, सेवाओं और पोषण स्तर में सुधार से जुड़ी जानकारी डिजिटल रूप में ट्रैक की जा रही है। साथ ही, इसमें गर्भावस्था, प्रसव, स्तनपान और बच्चों के पोषण से जुड़े जागरूकता वीडियो भी उपलब्ध हैं।

शुरुआती शिक्षा को मिला नया ढांचा

छोटे बच्चों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए ‘नवचेतना’ (0-3 वर्ष) और ‘आधारशिला’ (3-6 वर्ष) जैसी नई राष्ट्रीय पाठ्यक्रम रूपरेखाएं लागू की गई हैं। इसके साथ ही ‘पोषण भी पढ़ाई भी’ पहल के तहत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को बड़े पैमाने पर प्रशिक्षित किया जा रहा है। अब तक 10 लाख से अधिक कार्यकर्ताओं और हजारों मास्टर ट्रेनर्स को ट्रेनिंग दी जा चुकी है।

जन आंदोलन के जरिए पोषण जागरूकता

मिशन के अंतर्गत पोषण माह और पोषण पखवाड़ा जैसे अभियानों के जरिए देशभर में जागरूकता बढ़ाई जा रही है। 2018 से अब तक 150 करोड़ से अधिक जन-जागरूकता गतिविधियां और लगभग 9.8 करोड़ सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। हर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के लिए हर महीने दो सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित करना अनिवार्य किया गया है।

पोषण वितरण में पारदर्शिता और गुणवत्ता पर जोर

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने पूरक पोषण वितरण को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। इनमें गुणवत्ता नियंत्रण, खरीद प्रक्रिया और डेटा मॉनिटरिंग को सरल बनाने पर खास ध्यान दिया गया है।

एसएचजी नेटवर्क से मिल रही ताकत

DAY-NRLM के तहत देशभर में 90.91 लाख स्वयं सहायता समूह (SHG) सक्रिय हैं, जो महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ पोषण, स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी फैला रहे हैं। सरकार इन समूहों के लिए ‘लखपति’ पहल, बैंक लिंकेज और सामुदायिक फंडिंग जैसे कदम उठा रही है।

नीति आयोग द्वारा किए गए मूल्यांकन में भी इस योजना को कुपोषण से निपटने में प्रभावी बताया गया है। कुल मिलाकर, मिशन पोषण 2.0 तकनीक, प्रशिक्षण और जनभागीदारी के जरिए देश में पोषण सुधार की दिशा में एक मजबूत पहल बनकर उभर रहा है।

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