कैमूर,चैत्र नवरात्र के पहले दिन रविवार की दोपहर 2 बजे तक करीब 70 हजार श्रद्धालुओं ने माता मुंडेश्वरी के दर्शन-पूजन किए। इसकी पुष्टि न्यास समिति के सचिव अशोक कुमार सिंह ने की। उन्होंने बताया कि मंदिर का पट खुलने से पहले हीं दर्शनार्थियों की लंबी लाइनें धाम परिसर में लगी हुई थी, इस दौरान प्रातः काल छः बजे मन्दिर का पट खुलने के बाद सर्वप्रथम धार्मिक न्यास के पुजारियों द्वारा माता रानी मुंडेश्वरी, मंदिर के गर्भगृह में विराजमान पंचमुखी महामंडलेश्वर महादेव व उनके सम्मुख स्थापित भगवान श्री गणेश का पूजन-अर्चन किए जाने के साथ-साथ मातेश्वरी मुंडेश्वरी की नियमित रूप से की जाने वाली मंगला आरती की गई। फिर दर्शनार्थियों द्वारा माता मुंडेश्वरी का दर्शन-पूजन करने का सिलसिला जो आरंभ हुआ, वह पूरे दिन चलता रहा। नवरात्र की प्रथम तिथि को जगत जननी माँ मुंडेश्वरी धाम में दर्शनार्थियों की भीड़ कुछ इस कदर उमड़ी थी.
मंदिर व उसके कैंपस में जिधर नजर घुमाएं, उधर नरमुंड हीं दिखाई दे रहे थे। इस दौरान दर्शनार्थियों के भीड़ को नियंत्रित करने में न्यास, पुलिस व स्काउट गाइड कर्मियों के पसीने छूट गए। भीड़ का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि दर्शनार्थी मंदिर प्रवेश में जैसे हीं प्रवेश कर रहे थें, उसके अगले हीं पल में देवी महामाया का महज झलक पाकर उनका मन-हीं-मन ध्यान लगाते हुए मंदिर के निकास द्वार से बाहर निकल जा रहे थें। हालांकि काफी भीड़ होने के वजह से माता मुंडेश्वरी का महज मामूली सा झलक पाकर भी आस्थावान श्रद्धालु काफी संतुष्ट दिखे, वहीं धाम परिसर में लगे लाईनों में खड़े दर्शनार्थी माता रानी मुंडेश्वरी का एक झलक पाने के लिए अपनी-अपनी बारी का बेसब्री से इंतजार कर रहे थें, साथ हीं महज उनके क्षणिक दर्शन के लिए उतावला हो रहे थें। इनमें कई श्रद्धालु एसे थें, जो न्यास समिति द्वारा जारी किए गए गाइडलाइंस के अनुसार महाशक्ति का दर्शन-पूजन करने में विश्वास रखते हुए धीरे-धीरे हीं सही मगर लक्ष्य की ओर क्रम से बढ़ रहे थें, वहीं कई दर्शनार्थी एसे भी देखे गए, जिनका माता मुंडेश्वरी का दर्शन पाने में विलंब होते देख सब्र का बांध टूट रहा था, और वे आगे लाइन में खड़े श्रद्धालुओं का नंबर काटने, या फिर निकास द्वार से हीं प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थें। हालांकि धाम के प्रवेश व निकास द्वार पर मुस्तैद खड़े कर्मियों के सक्रियता से एसे श्रेणी के माता भक्तों के मंसूबे पर पानी फिरता देखा गया, और आखिरकार उन्हें धार्मिक न्यास समिति द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों के अनूकूल हीं दर्शन-पूजन करने पर बाध्य होना पड़ रहा था। इधर न्यास के सचिव अशोक कुमार सिंह माता आदिशक्ति का दर्शन-पूजन करने के बाद धाम परिसर में पूरे दिन उपस्थित रह कर यहां पहुंचने वाले आस्थावान श्रद्धालु देवी भक्तों के सुरक्षा व उनके सुविधाओं का जायजा लेने के साथ-साथ अधीनस्थ पदाधिकारियों एवं कर्मियों को आवश्यक निर्देश देते देखे गए। धाम परिसर तथा धाम के निचले हिस्से में स्थित आईबी बैरियर को मिलाकर न्यास द्वारा कुल दो कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। इनमें से एक कंट्रोल रूम से धाम पहाड़ी पर स्थित वाहन पार्किंग व सड़क पर लगने वाले जाम को नियंत्रित किया जा रहा है। जबकि दूसरे कंट्रोल रूम से अनाउंसमेंट के जरिए श्रद्धालुओं के भीड़ को नियंत्रित किए जाने के साथ-साथ श्रद्धालुओं को उनके अपने जनों से बिछड़ने, उनके किसी भी वस्तु के खोने इत्यादि जैसे समस्याओं के समाधान के दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
धार्मिक न्यास के पुरोहित मंगल तिवारी ऊर्फ पिंटू बाबा ने बताया कि सचिव अशोक कुमार सिंह के निर्देशानुसार धाम पहुंचने वाले असहाय व वृद्ध श्रेणी के श्रद्धालुओं को माता आदिशक्ति के दर्शन-पूजन के लिए पहले प्राथमिकता दी जा रही है। धाम के विभिन्न हिस्सों में थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार के नेतृत्व में सब इंस्पेक्टर दिवाकर गिरी, पीटीसी पुलिस पदाधिकारी रविंद्र ठाकुर व बिनोद मेहरा, थाने के मुंशी नवीन कुमार समेत कई अन्य पुलिस पदाधिकारी व कर्मी ड्यूटी में तैनात देखे गए, वहीं प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी व अतिरिक्त बल भी धाम के विभिन्न हिस्सों में पूरे दिन मुस्तैद डंटे रहे।