बिहार के शिक्षा विभाग द्वारा लगातार शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन इन कोशिशों का कोई खास असर नहीं दिख रहा है। शिक्षकों की लापरवाही लगातार बनी हुई है। एक बार फिर ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों के औचक निरीक्षण के दौरान स्कूलों की हालत देखकर हैरानी हुई। यह घटना पूर्णिया जिले के धमदाहा क्षेत्र की है।बीडीओ प्रकाश कुमार सोनापुर ने एक स्कूल का औचक निरीक्षण किया, जहां उन्हें शिक्षा व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब मिली। उन्होंने सात शिक्षकों से देश के राज्यों की संख्या और उनके नाम पूछे, लेकिन कोई भी शिक्षक सही जवाब नहीं दे सका।इसके अलावा, निरीक्षण के दौरान कई स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति में भी भारी गड़बड़ी पाई गई।
मध्य विद्यालय अमारी हरिजन और प्राथमिक विद्यालय सोनापुर में दर्ज उपस्थिति रजिस्टर में और वास्तविक उपस्थिति में बड़ा अंतर था। अमारी हरिजन स्कूल में 300 छात्रों का नामांकन था, लेकिन निरीक्षण के वक्त मात्र 16 छात्र ही उपस्थित थे, जबकि उपस्थिति रजिस्टर में 44 छात्रों की उपस्थिति दर्ज थी। वहीं, प्राथमिक विद्यालय सोनापुर में 160 नामांकित छात्रों में से केवल 8 छात्र ही स्कूल में मौजूद थे, जबकि रजिस्टर में 44 छात्रों की उपस्थिति दिख रही थी।शिक्षकों की लापरवाही भी सामने आई, जहां बीडीओ प्रकाश कुमार ने पाया कि शिक्षक पढ़ाई में रुचि नहीं ले रहे थे और उनका मुख्य उद्देश्य केवल एमडीएम वाउचर बनाना था। इस स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए बीडीओ ने कहा कि दोनों स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था बेहद निराशाजनक है और वह इस मामले की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजने वाले हैं।