NEWS PR डेस्क: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद Rajesh Ranjan (पप्पू यादव) ने नई दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष Om Birla से मुलाकात कर 6 फरवरी की पूरी घटना से उन्हें अवगत कराया और मामले में न्यायोचित कार्रवाई की मांग की।
अपने बयान में पप्पू यादव ने कहा, “मैंने माननीय अध्यक्ष महोदय को 6 फरवरी की पूरी घटना साक्ष्यों सहित अक्षरशः बताई और इस गंभीर प्रकरण में संज्ञान लेकर न्याय करने का आग्रह किया। 6 फरवरी की रात करीब साढ़े 9 बजे कुछ नेताओं, पटना पुलिस के वरीय अधिकारियों और एक कथित सेल के इंस्पेक्टर ने बिना किसी वारंट के मेरे पटना स्थित आवास पर दबिश दी, मानो मैं कोई फरार अपराधी हूँ। आधी रात को सैकड़ों पुलिसकर्मियों के साथ मुझे उस मामले में गिरफ्तार किया गया, जिसकी सूचना तक मुझे पहले कभी नहीं दी गई थी।”
उन्होंने आगे कहा, “मेरी तबीयत खराब थी। मैंने अनुरोध किया कि मुझे हाउस अरेस्ट कर लिया जाए, लेकिन एक सांसद के विशेषाधिकारों और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनदेखी करते हुए मुझे गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद रात में मुझे आईजीआईएमएस ले जाया गया, जहां घंटों स्ट्रेचर पर लॉबी में रखा गया और पुलिस का व्यवहार बेहद अमानवीय था।”
सांसद ने आरोप लगाया कि “अगले दिन अदालत के आदेश के बावजूद मुझे पीएमसीएच में समुचित इलाज नहीं मिला और पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत से जल्दबाजी में बेउर जेल भेज दिया गया। आज भी मैं दिल्ली में अपना इलाज करा रहा हूँ। मेरे खिलाफ आंदोलन और आचार संहिता से जुड़े मामलों के अलावा कोई आपराधिक केस नहीं है, फिर भी सुनियोजित तरीके से मुझे फंसाने और मेरी आवाज दबाने की कोशिश की गई।”
उन्होंने यह भी कहा, “मैं एक नीट की मेधावी बेटी के लिए न्याय की आवाज उठा रहा था, जिसके साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी गई। इस मामले में पुलिस, माफिया और कुछ प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत सामने आ रही है। संभवतः इसी कारण मुझे निशाना बनाया गया। लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि की आवाज को कुचलने की ऐसी साजिश पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाना चाहिए।”
पप्पू यादव ने अंत में कहा कि उन्हें न्यायपालिका और जनता पर पूरा भरोसा है, लेकिन लगातार हो रही घटनाओं के मद्देनजर अब निर्णायक न्याय की आवश्यकता है।