NEWS PR डेस्क : अगर आप पासपोर्ट बनवाने की योजना बना रहे हैं और पुलिस वेरिफिकेशन में देरी को लेकर परेशान रहते थे, तो अब राहत की खबर है। पासपोर्ट आवेदन के बाद होने वाली पुलिस वेरिफिकेशन प्रक्रिया अब 10 दिनों के भीतर पूरी की जाएगी। रीजनल पासपोर्ट ऑफिस (RPO) ने वर्ष 2026 के लिए यह स्पष्ट लक्ष्य तय किया है कि हर आवेदन पर पुलिस रिपोर्ट तय समय सीमा के अंदर भेजी जाए। खास बात यह है कि बिहार पुलिस इस लक्ष्य को पहले ही हासिल कर चुकी है, जिससे पहले महीनों तक खिंचने वाली वेरिफिकेशन प्रक्रिया अब काफी तेज़ हो गई है।
आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 में पूरे बिहार में पासपोर्ट से जुड़ा पुलिस वेरिफिकेशन औसतन 9 दिनों में पूरा हुआ, जबकि 95 प्रतिशत मामलों में रिपोर्ट 15 दिनों के अंदर ही भेज दी गई। यह सफलता m-Passport Police App के प्रभावी उपयोग और RPO अधिकारियों द्वारा जिलों में की गई नियमित मॉनिटरिंग का नतीजा मानी जा रही है।
क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया है कि पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया में पुलिस वेरिफिकेशन एक अनिवार्य चरण है। पुलिस से संतोषजनक रिपोर्ट मिलने के बाद ही पासपोर्ट जारी किया जाता है। पहले इस प्रक्रिया में आवेदकों को कई-कई महीनों तक इंतज़ार करना पड़ता था, लेकिन अब विदेश मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए m-Passport Police App के कारण वेरिफिकेशन सिस्टम पहले से कहीं अधिक सरल, तेज़ और प्रभावी हो गया है। नई व्यवस्था के चलते पुलिस रिपोर्ट समय पर उपलब्ध हो रही है और इसका सीधा फायदा यह हो रहा है कि पासपोर्ट अब आवेदकों तक कहीं जल्दी पहुंचने लगे हैं।
पुलिस वेरिफिकेशन के मामले में बिहार के कई जिलों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। दिसंबर माह में जिलेवार आंकड़ों पर नजर डालें तो किशनगंज, मुंगेर, नालंदा, पूर्णिया, औरंगाबाद और अरवल में पासपोर्ट से जुड़े पुलिस वेरिफिकेशन औसतन 7 दिनों में पूरे किए गए। वहीं बेतिया, भोजपुर, दरभंगा, पूर्वी चंपारण, कटिहार, मधेपुरा, समस्तीपुर और सारण में यह प्रक्रिया औसतन 8 दिन में पूरी हुई।
इसके अलावा शेखपुरा, भागलपुर, बक्सर, लखीसराय, सहरसा और वैशाली में पुलिस वेरिफिकेशन में औसतन 9 दिन का समय लगा। अररिया, गोपालगंज, जमुई और सीतामढ़ी जैसे जिलों में यह अवधि करीब 10 दिन रही। वहीं मधुबनी, मुजफ्फरपुर, रोहतास और सुपौल में औसतन 11 दिन, नवादा में 12 दिन, जबकि सिवान में सबसे अधिक औसतन 13 दिन का समय लगा। हालांकि, पूरे बिहार का औसत समय 9 दिन दर्ज किया गया।