NEWS PR डेस्क: मोकामा से नवनिर्वाचित विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह के शपथ ग्रहण को लेकर चल रहा लंबा इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। दुलारचंद यादव हत्याकांड में जेल में बंद अनंत सिंह को पटना सिविल कोर्ट से बड़ी राहत मिली है, जिसके बाद उनके मंगलवार को विधायक पद की शपथ लेने का रास्ता साफ हो गया है।
जदयू विधायक अनंत सिंह फिलहाल दुलारचंद यादव हत्याकांड के मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। उन्होंने विधायक पद की शपथ लेने के लिए पटना सिविल कोर्ट में याचिका दायर की थी। अदालत ने याचिका पर सुनवाई के बाद उन्हें शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने की अनुमति दे दी है। इससे पहले निचली अदालत द्वारा उनकी जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद उनकी शपथ को लेकर संशय बना हुआ था।
दुलारचंद यादव हत्याकांड का मामला:
अनंत सिंह पर मोकामा विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान जन सुराज पार्टी के समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। 30 अक्टूबर 2025 को हुई इस घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मतदान से पहले ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। तब से वे पटना की बेऊर जेल में बंद हैं और कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।
कड़ी सुरक्षा में विधानसभा लाए जाएंगे:
अदालती आदेश के तहत अनंत सिंह को मंगलवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बेऊर जेल से बिहार विधानसभा लाया जाएगा। चूंकि वे न्यायिक हिरासत में हैं, इसलिए पूरी प्रक्रिया पुलिस की निगरानी में संपन्न होगी। शपथ ग्रहण के बाद उन्हें पुनः जेल वापस भेज दिया जाएगा।
जेल से जीत, सियासी पकड़ बरकरार:
‘छोटे सरकार’ के नाम से मशहूर अनंत सिंह ने एक बार फिर जेल में रहते हुए अपनी सियासी ताकत साबित की है। मोकामा विधानसभा सीट से उन्होंने भारी मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी, जहां उन्होंने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी वीणा देवी को करारी शिकस्त दी। इससे पहले 2020 में भी वे जेल में रहते हुए चुनाव जीत चुके हैं और तब पैरोल पर शपथ ली थी।
आगे की कानूनी राह:
हालांकि कोर्ट से शपथ लेने की अनुमति मिल गई है, लेकिन दुलारचंद यादव हत्याकांड में उन्हें अभी तक नियमित जमानत नहीं मिली है। सिविल कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब उनके वकीलों ने पटना हाई कोर्ट का रुख किया है। ऐसे में विधायक के रूप में शपथ लेने के बावजूद अनंत सिंह को फिलहाल जेल में ही रहना होगा, जब तक कि उच्च न्यायालय से उन्हें कोई राहत नहीं मिल जाती।