NEWS PR डेस्क : राजा उर्फ रिजवी, जिसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माँ के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, उसे पटना हाईकोर्ट ने सशर्त जमानत दे दी है। अदालत ने उसे 10 हजार रुपये के मुचलके और दो जमानतदारों की मौजूदगी पर रिहा करने का निर्देश दिया है।
बिहार में पिछले वर्ष वोटर अधिकार यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में गिरफ्तार राजा उर्फ रिजवी को पटना उच्च न्यायालय से जमानत मिल गई है। अदालत ने आरोपी को 10,000 रुपये के निजी मुचलके और दो जमानतदार पेश करने की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया है।
सूत्रों के अनुसार, 28 अगस्त 2025 को दरभंगा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान सिमरी थाना क्षेत्र के अतरबेल चौक स्थित मंच से प्रधानमंत्री की मां के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। इस मामले में दरभंगा पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 29 अगस्त 2025 को आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अरुण कुमार की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को ध्यान से सुना। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता रियाज अहमद ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल को गलत तरीके से फंसाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी के मोबाइल से कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली और न ही किसी वीडियो को वायरल किया गया। इसके अलावा, आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड शुद्ध है और वह 29 अगस्त 2025 से न्यायिक हिरासत में था।
वहीं, सरकारी पक्ष के अधिवक्ता उदय प्रताप सिंह ने जमानत का विरोध किया और तर्क दिया कि आरोपी का कृत्य देश में अशांति फैलाने की नियत से किया गया था। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने मामले के तथ्यों, आरोपों की गंभीरता, आरोपी के पिछले रिकॉर्ड, हिरासत की अवधि और आरोपपत्र दाखिल होने की स्थिति को देखते हुए जमानत मंजूर कर दी।
अदालत ने यह भी आदेश दिया कि जमानत के लिए प्रस्तुत किए जाने वाले दो जमानतदारों में से कम से कम एक आरोपी का निकट संबंधी होना चाहिए। इसके अलावा, आरोपी को निचली अदालत में हर सुनवाई की तारीख पर उपस्थित होना अनिवार्य होगा। अगर वह लगातार तीन बार गैरहाजिर रहता है या जमानत की किसी भी शर्त का उल्लंघन करता है, तो अदालत उसकी जमानत रद्द कर सकती है।