NEWS PR डेस्क : बिहार चुनाव में हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल के भीतर लालू परिवार के खिलाफ कोई नेता खुलकर आवाज नहीं उठा रहा है। हालांकि पार्टी की हर गतिविधि पर पैनी नजर जरूर बनी हुई है। इसी कड़ी में लालू यादव के करीबी और वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने तेजस्वी यादव के पटना आगमन पर विधायकों की गैरमौजूदगी को ‘अशुभ संकेत’ करार दिया है।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मिली हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल के भीतर अंदरूनी बेचैनी साफ नजर आने लगी है। इसी बीच पार्टी के वरिष्ठ और प्रभावशाली नेता शिवानंद तिवारी ने एक बार फिर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की कार्यप्रणाली को लेकर कड़े सवाल उठाए हैं। रविवार को परिवार के साथ अवकाश बिताकर पटना लौटे तेजस्वी यादव के स्वागत के तरीके को लेकर तिवारी ने चिंता जताते हुए इसे पार्टी के भविष्य के संकेतों के लिहाज से ठीक नहीं बताया। उनका मानना है कि चुनावी हार के बाद नेतृत्व को जमीनी स्तर पर ज्यादा सक्रिय होना चाहिए था, लेकिन मौजूदा हालात इसके उलट तस्वीर पेश कर रहे हैं। यह असंतोष राजद के भीतर आगे की रणनीति और नेतृत्व को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
शिवानंद तिवारी ने तेजस्वी यादव के स्वागत को लेकर कटाक्ष करते हुए कहा कि एयरपोर्ट पर पार्टी का एक भी विधायक मौजूद नहीं था। उनके मुताबिक वहां कार्यकर्ताओं से ज्यादा मीडिया के कैमरे दिखाई दे रहे थे। तिवारी ने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि तेजस्वी सीधे हवाई अड्डे से घर चले गए और पार्टी दफ्तर जाना जरूरी नहीं समझा, ये पार्टी के लिए अच्छे लक्षण नहीं हैं।
इससे पहले भी तेजस्वी यादव के विदेश दौरे को लेकर शिवानंद तिवारी सवाल खड़े कर चुके हैं और अब एक बार फिर उन्होंने कहा है कि तेजस्वी में अगले पांच वर्षों तक प्रभावी विपक्ष की भूमिका निभाने की क्षमता नजर नहीं आ रही। तिवारी ने एक फेसबुक पोस्ट के माध्यम से सुझाव दिया था कि तेजस्वी को ‘नेता’ की बजाय ‘कार्यकर्ता’ की भूमिका में जनता के बीच जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने चुनावी हार को सहज रूप से स्वीकार कर जमीनी स्तर पर सक्रिय होने की सलाह दी है।