” जाती का वार छाती पर ” केंद्रीय मंत्रिमंडल से कायस्थ समाज के मंत्रियों को हटाना दुर्भाग्यपूर्णः सुबोधकांत सहाय

Patna Desk

NEWSPR /DESK : पूर्व केंद्रीय मंत्री सह अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के अध्यक्ष सुबोधकांत सहाय ने केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार को समाज के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल से कायस्थ समाज के सभी मंत्रियों को हटा दिया गया. भारतीय राजनीति का इतिहास देखेंगे तो कायस्थ समाज की भागीदारी देश की आजादी से लेकर राष्ट्र के पुनर्निर्माण तक रही है. देश के पहले राष्ट्रपति हमारे समाज से ही मिले थे

हमारे समाज से लाल बहादुर शास्त्री, जय प्रकाश नारायण, अन्ना दुरई, बीजू पटनायक, ज्योति बसु, केबी सहाय, बाला साहब ठाकरे जैसी विभूतियों के योगदान को नहीं भुलाया जा सकता

पिछले कुछ वर्षों में कायस्थ समाज ने यशवंत सिन्हा, शत्रुघ्न सिन्हा, रविशंकर प्रसाद व आरके सिन्हा जैसे नेता देश को दिये. इन सब के बावजूद वर्तमान सरकार ने हमारे समाज को नज़रअंदाज किया है और हमारी राजनीतिक भागीदारी ख़त्म करने का प्रयास किया है जो ही अत्यंत दुःखद है 

एक पढ़ा लिखा वर्ग होने के कारण हमारा अपनी बातों को रखने का हमेशा एक सभ्य तरीका रहा है और शायद इसी का फल हमें भुगतना पड़ रहा है. एक बड़ा वोट बैंक होने के बावजूद समाज हमेशा दरकिनार किया जाता रहा है.

 

समाज के सही मूल्य को समझा नहीं जाता है. इस पूरे घटनाक्रम से समाज के लोगों में रोष है और इसका हमें पुरजोर विरोध करना होगा. उन्होंने मंत्रिमंडल में समाज की भागीदारी की मांग की है. हिस्सेदारी नहीं मिली तो समाज के सारे लोग सड़क पर उतरेंगे

 

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