NEWS PR डेस्क: बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को 2018 के चेक बाउंस मामले में आखिरकार अंतरिम जमानत मिल गई है। अदालत की तय भुगतान शर्तों का पालन न करने पर उन्हें फरवरी के पहले हफ्ते में तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया गया था। वे पिछले 11 दिनों से जेल में बंद थे।
पिछले सप्ताह दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने 9 करोड़ रुपये के भुगतान में लगातार चूक को गंभीर मानते हुए राहत देने से इनकार किया था।
हालांकि, सोमवार 16 फरवरी को उन्हें अंतरिम जमानत मिल गई। यह राहत सीमित अवधि के लिए है और 18 मार्च तक प्रभावी रहेगी। बताया गया कि राजपाल यादव की कानूनी टीम ने 1.5 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट अदालत में जमा कराया है। साथ ही कोर्ट ने उन्हें पासपोर्ट सरेंडर करने और बिना अनुमति देश छोड़कर न जाने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी।
यह जमानत उन्हें 19 फरवरी को शाहजहांपुर में अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए दी गई है। अदालत ने आदेश में कहा कि सजा पर अंतरिम रोक अगली सुनवाई तक लागू रहेगी।
क्या है पूरा मामला?
राजपाल यादव की कानूनी परेशानी की शुरुआत साल 2010 में लिए गए करीब 5 करोड़ रुपये के कर्ज से हुई थी। यह रकम उन्होंने अपनी फिल्म Ata Pata Laapata के निर्माण के लिए ली थी। फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर असफल रहने के बाद वे कर्ज चुकाने में असमर्थ रहे।
समझौते के तहत उन्होंने शिकायतकर्ता कंपनी Murli Projects Private Limited को भुगतान करने का वादा किया था, लेकिन शर्तें पूरी नहीं हो सकीं। इसके चलते उनके जारी किए गए चेक बाउंस हो गए और नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ। जुर्माना और ब्याज जुड़ने के बाद कुल बकाया रकम करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
पिछली सुनवाई में अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि अभिनेता जेल अदालत के आदेश की वजह से नहीं, बल्कि समझौते की शर्तों का पालन न करने के कारण गए हैं। हालांकि अब कुछ शर्तों के साथ उन्हें अस्थायी राहत मिल गई है।