धनंजय कुमार, गोपालगंज
गोपालगंज: जिले के भोरे में युवा व्यवसायी रामाश्रय सिंह की हत्याकांड में दोषियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर विधवा पत्नी सुनीता सिंह छह जुलाई से आमरण अनशन पर बैठी हैं। अनशन की खबरों ने क्षेत्रीय और राज्य के रानजीतिक लोगों का ध्यान खींचा। मंगलवार को दूसरे दिन जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सांसद पप्पू यादव भोरे स्थित अनशन स्थल पर अपना समर्थन देने आये।
उनके जाने के कुछ घंटे बाद ही पूर्व केंद्रीय मंत्री और रालोसपा के मुखिया उपेंद्र कुशवाहा भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और उन्हें न्याय की इस लड़ाई में अपना साथ देने का वादा किया। पूर्व में भी उपेंद्र कुशवाहा ने रामाश्रय सिंह के परिवार की तरफ से न्याय की मांग को अपना समर्थन दिया है और हमेशा प्रशासन और सरकार से इस बाबत सवाल करते रहे हैं। पप्पू यादव ने अनशन कर रही सुनीता सिंह को न्याय की इस लड़ाई में अपना पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।
पप्पू यादव ने रामाश्रय सिंह की पत्नी को सांत्वना देते हुए उनके हाथों मंच पर ही मशाल जलवाया और सबके सामने यह ऐलान किया कि आज से न्याय की यह मशाल जलती रहेगी और जल्द ही इनके पति के हत्यारों को गिरफ्तारी होगी और उन्हें सजा मिलेगी। उन्होंने कहा, सुनीता मेरी छोटी बहन जैसी हैं, मैं इनका दर्द समझ सकता हूं। उन्होंने यह भी कहा कि मैंने हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी पढ़ी है। मुझे आश्चर्य है कि स्पष्ट आदेश के बाद भी एसआईटी का गठन क्यों नहीं हुआ? दोषियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? मैं गोपालगंज के इस हालत को देखते हुए आज से इसे रक्तरंजित गोपालगंज कहूंगा।
पूर्व मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने सुनीता सिंह कुशवाहा को न्याय की इस लड़ाई को सत्य और अहिंसा से लड़ने की हिम्मत दी और हमेशा उनके पूरे परिवार के साथ खड़े होने का वचन दिया। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि वह राज्य और इस जिले की इस हालत से बहुत आहत हैं। मैं इस परिवार से शुरू से सम्पर्क में हूं और लगातार सरकार और प्रशासन पर दबाव बना रहा हूं और बनाता रहूंगा। जब तक कि इन्हे न्याय नहीं मिल जाता।
स्थानीय लोगों ने भी पूरे गोपालगंज में बढ़ रहे अपराध दर पर अपना रोष प्रकट किया और पीड़ित परिवार के साथ एक सुर में जस्टिस फॉर रामाश्रय सिंह मुहीम के लिए अपनी सहभागिता सुनिश्चित की। शाम को पूरे बाजार में मशाल जुलूस भी निकाला गया। जिसकी अगुआई उद्यमी के बड़े भाई हरिनारायण सिंह कर रहे थे। गौरतलब है कि पिछले साल 13 जून को व्यवसायी रामाश्रय सिंह कुशवाहा की अपराधियों ने गोली मरकर हत्या कर दी थी। हत्या के एक साल बीत जाने के बाद भी दोषी आज़ाद घूम रहे हैं।