बिहार में बाढ़ और सूखे से प्रभावित परिवारों को राहत, जी राम जी योजना से मिलेगा रोजगार

Rashmi Tiwari

NEWS PR डेस्क : राज्य के बाढ़ प्रभावित 22 जिलों और सूखे की मार झेल रहे 16 जिलों के श्रमिकों को अब रोजाना काम मिल सकेगा। ग्रामीण विकास विभाग के स्तर से अकुशल कामगारों को वीबी- जीराम जी योजना के तहत रोजगार मुहैया कराने की बड़ी पहल शुरू की गई है। इससे बाढ़ और सूखाड़ से प्रभावित इलाकों के लोगों को सरकार के स्तर से काम मुहैया कराने की कवायद शुरू की गई है। इससे गरीबों को आर्थिक रूप से सहायता हो सकेगी।

विभागीय आदेश के अनुसार, इस वर्ष अरवल, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, बक्सर, दरभंगा, गोपालगंज, कटिहार, खगड़िया, लखीसराय, मधेपुरा, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, पटना, पूर्वी चंपारण, पूर्णिया, सहरसा, समस्तीपुर, सारण, सुपौल और वैशाली बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। बाढ़ के चलते इन जिलों की सड़कें बेहद क्षतिग्रस्त हो गई हैं। वहीं, अररिया, औरंगाबाद, बांका, गयाजी, जमुई, जहानाबाद, कैमूर, किशनगंज, मधुबनी, नालंदा, नवादा, रोहतास, शेखपुरा, शिवहर, सीतामढ़ी और सीवान जैसे जिले इस वर्ष सामान्य से भी कम वर्षापात की वजह से सुखाड़ की चपेट में रहे। इन क्षेत्रों के सूखाग्रस्त रहने से रबी की फसल बर्बाद हो गई। इससे कृषि श्रमिकों की मांग काफी कम हो गई है।

ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ से प्रभावित 22 जिलों में जगह-जगह अधोसंरचनाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इन अधोसंरचनाओं का पुनर्थापना और मरम्मत किया जाना अति आवश्यक है। पर्व त्योहार को देखते हुए आने वाले श्रमिकों के लिए भी रोजगार की उपलब्धता होनी चाहिए। इससे अधोसंरचनाओं के निर्माण के साथ-साथ विकास को भी गति मिलेगा। आपदा प्रभावित इलाकों में श्रमिकों को रोजगार की अति आवश्यकता है। पूर्व में कृषि कार्य को देखते हुए कृषि कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए कार्य विराम की अवधि के तहत 22 अक्तूबर से 10 दिसंबर 2026 के बीच निर्माण कार्यों पर रोक लगाई गई थी। लेकिन हाल के दिनों में राज्य में आपदा की स्थिति को देखते हुए अब इस रोक को हटा दी गई है ताकि लोगों को रोजगार मिल जाए और क्षतिग्रस्त चीजों की पुनर्थापना हो सके।

1 जुलाई 2026 से देशभर में शुरू की गई विकसित भारत- जी राम जी योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार की ओर से 60:40 के अनुपात में खर्च होने वाली राशि से अधोसंचरना, परिसंपत्तियों का निर्माण और दूसरे विकास कार्य किए जाने तय हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा समय में आपदा को देखते हुए कृषि कार्यों के लिए कार्य विराम अवधि को शिथिल किया गया है ताकि लोगों को रोजगार गारंटी के तहत 125 दिनों की मजदूरी उपलब्ध कराई जा सके।

ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि बिहार में बाढ़ के कारण सड़कें, पुल, पुलिया, रास्ते और तटबंध बड़े पैमाने पर क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनकी मरम्मत जरूरी है, ताकि विकास कार्यों को गति मिल सके। इस पहल से प्रभावित ग्रामीण परिवारों को रोजगार मिलने और स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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