NEWS PR डेस्क :पटना: नगर निगम के सफाईकर्मियों की हड़ताल लगातार चौथे दिन भी जारी रहने से राजधानी की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। शहर की मुख्य सड़कों, गलियों और मोहल्लों में कचरे का ढेर जमा हो गया है। लगातार बारिश के कारण कचरा सड़ने लगा है, जिससे दुर्गंध और संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।
लोगों का कहना है कि बदहाल सफाई व्यवस्था के कारण घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। जगह-जगह जमा कचरे से बीमारी फैलने की आशंका भी बनी हुई है।

सीमित संसाधनों से सफाई अभियान चला रहा निगम
पटना नगर निगम अपने उपलब्ध संसाधनों के जरिए सफाई व्यवस्था संभालने की कोशिश कर रहा है, लेकिन हड़ताल के कारण स्थिति नियंत्रण में नहीं आ पा रही है। शुक्रवार और शनिवार की रात पुलिस निगरानी में कई इलाकों से कचरा उठाया गया, बावजूद इसके शहर के ज्यादातर हिस्सों में हालात सामान्य नहीं हो सके हैं। निगम प्रशासन ने लगातार दूसरे दिन पटना नगर निगम संयुक्त कर्मचारी समन्वय समिति को पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता के लिए बुलाया, लेकिन कर्मचारी संगठन की ओर से कोई प्रतिनिधि नहीं पहुंचा।

नगर आयुक्त ने कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील
नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने दैनिक और आउटसोर्स कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की तीन प्रमुख मांगों का समाधान नगर निगम स्तर से संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि सफाई व्यवस्था बहाल करने के लिए 100 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। सुबह की पाली में भी सुरक्षा बल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक वार्ड के सफाई निरीक्षक को जरूरत के अनुसार 20 अतिरिक्त कर्मी रखने की अनुमति दी गई है।
सफाई अभियान तेज करने के लिए जेसीबी, हाईवा, ट्रैक्टर और डंपर जैसे वाहनों को किराये पर लेने के निर्देश दिए गए हैं। हर वार्ड के लिए 10 हजार रुपये की राशि भी जारी की गई है।
धरना-प्रदर्शन को देखते हुए निषेधाज्ञा लागू
सफाईकर्मियों के प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन ने मौर्य लोक परिसर में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। वहीं नूतन राजधानी अंचल में सफाई कार्य में बाधा डालने, कर्मचारियों से मारपीट और वाहनों को नुकसान पहुंचाने की शिकायतों के बाद अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
आउटसोर्स एजेंसियों पर ₹22.65 करोड़ का जुर्माना, अनुबंध रद्द करने की चेतावनी
सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित होने के बाद पटना नगर निगम ने आउटसोर्सिंग एजेंसियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की है। निगम ने अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए एजेंसियों पर कुल 22.65 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। निगम का कहना है कि हड़ताल के दौरान एजेंसियां पर्याप्त संख्या में सफाईकर्मी और वाहन चालक उपलब्ध कराने में विफल रहीं, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई।
नगर निगम ने सभी संबंधित एजेंसियों से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। स्पष्ट और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में एजेंसियों के अनुबंध रद्द करने के साथ-साथ उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी भी दी गई है। फिलहाल, सफाईकर्मियों की हड़ताल और नगर निगम की सख्ती के बीच राजधानी पटना की सफाई व्यवस्था गंभीर संकट से जूझ रही है।
