NEWS PR डेस्क : NEET की छात्रा की मौत के मामले में जांच अब तेज होती नजर आ रही है। विशेष जांच टीम (SIT) ने शंभु गर्ल्स हॉस्टल से जुड़े छह संदिग्धों के साथ-साथ छात्रा के पिता और अन्य परिजनों के डीएनए सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं। इससे मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद बढ़ गई है।
SIT की जांच के दौरान कई अहम साक्ष्य भी हाथ लगने की जानकारी मिली है, जिससे छात्रा के साथ दुष्कर्म की घटना में शामिल आरोपियों की पहचान में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होगी। फिलहाल SIT इस पूरे मामले की गंभीरता से हर पहलू की जांच कर रही है।
छात्रा के परिजनों द्वारा दिए गए कपड़ों पर पुरुष के स्पर्म मिलने के बाद पटना पुलिस की शुरुआती जांच पर सवाल खड़े हो गए थे। शुरुआत में पटना पुलिस लगातार अपने बयान बदलती रही और इसे दुष्कर्म का मामला मानने से इनकार करते हुए आत्महत्या का केस बताती रही। पुलिस का दावा था कि छात्रा की मौत नशे की ओवरडोज के कारण इलाज के दौरान हुई।
हालांकि छात्रा की मौत के बाद आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पुलिस के दावों पर सवाल खड़े कर दिए। रिपोर्ट में दुष्कर्म की आशंका से इनकार नहीं किया गया, जिसके बाद जांच में लापरवाही बरतने के आरोप में चित्रगुप्त नगर थाना प्रभारी रौशनी कुमारी और कदमकुआं थाने के एक दारोगा को निलंबित कर दिया गया।
डीएनए जांच के लिए भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद यह साफ हो सकेगा कि छात्रा के साथ दुष्कर्म हुआ था या सामूहिक दुष्कर्म, और इस घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे।