NEWS PR डेस्क : बिहार के सिवान जिले में अवैध पटाखों के भंडारण से जुड़ा एक भीषण हादसा सामने आया है। जामो बाजार थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव में शुक्रवार शाम पटाखों के भंडार में जोरदार विस्फोट होने से पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई। धमाका इतना शक्तिशाली था कि मकान का अगला हिस्सा ढहकर सड़क पर जा गिरा। ग्रामीणों के मुताबिक, विस्फोट के बाद करीब दो घंटे तक रुक-रुककर धमाके होते रहे। हादसे में पांच लोगों की मौत की पुष्टि मेडिकल टीम ने की है, जबकि कुछ लोगों के लापता होने की सूचना से मृतकों की वास्तविक संख्या को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
दो घंटे तक गूंजते रहे धमाके, राहत-बचाव में आई परेशानी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट के बाद घटनास्थल पर धुआं फैल गया और आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बन गया। लगातार हो रहे धमाकों के कारण राहत एवं बचाव कार्य में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। विस्फोट की तीव्रता के चलते मकान का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
सिवान के एसपी भारत सोनी ने बताया कि ग्रामीणों के अनुसार, विस्फोट के समय कुछ लोग घर से निकलकर भाग गए थे। उनका अब तक पता नहीं चल पाया है। ऐसे में मृतकों और लापता लोगों की कुल संख्या के बारे में अभी निश्चित रूप से कुछ कहना संभव नहीं है। हादसे में कई शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए, जिससे उनकी पहचान करने में भी परेशानी हुई।
अमीरुद्दीन मियां के मकान में रखा था पटाखों का भंडार
स्थानीय लोगों के मुताबिक, आलमपुर निवासी मो. अमीरुद्दीन मियां के मकान में पटाखों का भंडार रखा हुआ था। बताया जाता है कि वह शादी-विवाह और अन्य आयोजनों के लिए पटाखों की आपूर्ति करते थे। मकान में पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायनों और विस्फोटक सामग्री के रखे होने की बात भी सामने आई है।
हालांकि, प्रारंभिक जानकारी के आधार पर विस्फोट की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि मकान में पटाखों का भंडारण किस परिस्थिति में किया गया था और विस्फोट किन कारणों से हुआ।हादसे में अमीरुद्दीन मियां के अलावा दो मजदूरों और उनके परिवार के बच्चों की मौत होने की चर्चा है। हालांकि, इन सभी की मौत और उनकी पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन की ओर से फिलहाल पांच लोगों की मौत की पुष्टि की गई है।
घटनास्थल पर पहुंचीं पुलिस और जांच एजेंसियां
घटना की सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सारण के डीआइजी, जिलाधिकारी, एसपी और महाराजगंज के अनुमंडल पदाधिकारी ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।जांच के लिए एफएसएल, डॉग स्क्वायड, मेडिकल टीम और बिजली विभाग के कर्मियों को लगाया गया। घटनास्थल की घेराबंदी कर साक्ष्य जुटाए गए हैं, ताकि विस्फोट के कारणों का पता लगाया जा सके।
प्राथमिकी दर्ज, विशेष जांच टीम गठित
पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अनुसंधान की जिम्मेदारी महाराजगंज के सर्किल इंस्पेक्टर को सौंपी गई है। इसके साथ ही मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम का गठन भी किया गया है।पुलिस की जांच में पटाखों के भंडारण, संभावित अवैध गतिविधियों, विस्फोट के कारणों और लापता लोगों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
थानाध्यक्ष और चौकीदार निलंबित
हादसे के बाद पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए जामो बाजार के थानाध्यक्ष और स्थानीय चौकीदार चंद्रिका मांझी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। अब जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि पटाखों के भंडारण की जानकारी स्थानीय स्तर पर थी या नहीं और इस मामले में किसी प्रकार की लापरवाही हुई थी या नहीं।
सिवान और सारण में पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
पटाखों के निर्माण और भंडारण से जुड़े हादसे सिवान और सारण क्षेत्र में पहले भी सामने आ चुके हैं। इन घटनाओं में लोगों की जान जाने के साथ कई लोग घायल भी हुए हैं। आलमपुर की घटना ने एक बार फिर पटाखों के सुरक्षित भंडारण, विस्फोटक सामग्री के इस्तेमाल और अवैध गतिविधियों पर निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियां विस्फोट के कारणों का पता लगाने में जुटी हैं। जांच पूरी होने और लापता लोगों के संबंध में स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही हादसे में कुल हताहतों की संख्या और घटना की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।