NEWSPR डेस्क। आज गोवर्धन पूजा है। इस मौके पर जे डी यू- ट्रेडर्स प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव श्रीवास्तव ने प्रदेश वासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी है। सभी के जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली बने रहे, इसके लिये उन्होंने भगवान श्री कृष्ण से कामना की है। आपको बता दें कि दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा की जाती है। गोवर्धन पूजा या अन्न कूट का पर्व हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाता है। इस पर्व की खास रौनक मथुरा, वृंदावन, गोकुल, बरसाना, नंदगांव में देखने को मिलती है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार भगवान कृष्ण ने गोकुल वासियों को गोवर्धन पूजा के लिए प्रेरित किया था। इस पर्व पर गौ माता की पूजा का भी विशेष महत्व है। जानिए कैसे की जाती है गोवर्धन पूजा।
हिंदू धार्मिक मान्यताओं अनुसार जब इंद्र ने अपना मान जताने के लिए ब्रज में तेज बारीश कर दी थी। तब भगवान श्री कृष्ण ने देवराज इंद्र के घमण्ड को चूर करने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर उठाकर ब्रज वासियों की मूसलाधार बारिश से रक्षा की थी। जब इंद्रदेव को इस बात का ज्ञात हुआ कि भगवान श्री कृष्ण भगवान विष्णु के अवतार हैं तो उनका अहंकार टूट गया। इंद्र ने भगवान श्री कृष्ण से क्षमा मांगी। गोवर्धन पर्वत के नीचे सभी गोप-गोपियाँ, ग्वाल-बाल, पशु-पक्षी सुख पूर्वक और बारिश से बचकर रहे। कहा जाता है तभी से गोवर्धन पूजा मनाने की शुरुआत हुई। उस दिन से दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा या अन्नकूट का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन गोवंश और अन्न की पूजा की जाती है। लोग घरों में गाय के गोबर या अल्पना से गोवर्धन पर्वत बनाते हैं। इस पर नई फसल के उत्पाद चढ़ा कर श्री कृष्ण का पूजन किया जाता है।