NEWS PR डेस्क: पटना। शहर में निजी भवनों पर लगे विज्ञापन होर्डिंग्स और बैनरों को लेकर अब सख्त निगरानी शुरू की जा रही है। नगर निगम क्षेत्र में किसी भी निजी इमारत पर लगाए गए होर्डिंग्स की पूरी जानकारी भवन मालिकों को निगम को देनी होगी। निर्धारित समय सीमा तक विवरण जमा नहीं करने पर ऐसे होर्डिंग्स को अवैध माना जाएगा और संबंधित मकान मालिकों पर कार्रवाई की जाएगी।
नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए कहा है कि निजी भवनों पर लगे सभी होर्डिंग्स का आकार, स्थान और अन्य जरूरी जानकारी निगम के पास दर्ज होना अनिवार्य है। नियमों का पालन नहीं करने पर संबंधित लोगों के खिलाफ बिहार नगर पालिका अधिनियम 2007 समेत अन्य प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम ने भवन मालिकों और विज्ञापन एजेंसियों से अपील की है कि वे तय समय के भीतर जरूरी दस्तावेज और विवरण विज्ञापन कोषांग, पटना नगर निगम में जमा करें। इसके साथ ही जानकारी निगम के आधिकारिक ईमेल पर भी भेजी जा सकती है, ताकि आगे किसी तरह की प्रशासनिक कार्रवाई से बचा जा सके।
नगर निगम के मुताबिक शहर में बड़ी संख्या में निजी भवनों पर विज्ञापन होर्डिंग्स लगे हुए हैं, लेकिन अब तक केवल 56 विज्ञापन एजेंसियों ने ही अपने लगाए गए विज्ञापनों का पूरा ब्योरा उपलब्ध कराया है। निगम ने भवन मालिकों से यह भी कहा है कि वे विज्ञापन एजेंसी के साथ किए गए समझौते की कॉपी और भवन पर होर्डिंग लगाने से पहले कराए गए स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी टेस्ट का प्रमाण पत्र भी जमा करें।
निगम का कहना है कि इन दस्तावेजों के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भवन पर लगाए गए होर्डिंग्स सुरक्षित हैं और उनसे किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका नहीं है। पटना नगर निगम की ओर से इस संबंध में पहले भी तीन बार निर्देश जारी किए जा चुके हैं, लेकिन कई भवन मालिकों ने अब तक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है।
निगम प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से शहर में विज्ञापन होर्डिंग्स को लेकर पारदर्शिता बढ़ेगी और अनियंत्रित तरीके से लगाए जा रहे होर्डिंग्स पर भी लगाम लगेगी।