NEWSPR डेस्क। बिहार में महागठबंधन की सरकार इन दिनों स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक्शन में है। सरकार में स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव लगातार अस्पतालों का निरीक्षण कर रहे हैं। गुरुवार को तेजस्वी ने एनएमसीएच का निरीक्षण किया और अधीक्षक को निलंबित कर दिया। जिसे लेकर डॉक्टरों के संगठन ने आपात्त बैठक बुलाई है। वहीं दूसरी ओर आज तीस डॉक्टरों को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है। जिससे डॉक्टरों में हड़कंप मच गया है।
बिहार के मेडिकल कॉलेज और सरकारी अस्पतालों में ड्यूटी से गायब रहने वाले डॉक्टरों की अब खैर नहीं है। स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव लगातार ऐसे डॉक्टरों पर लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। ताजा मामला ड्यूटी से गायब तीस डॉक्टरों को नोटिस जारी करने का है। स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने की दिशा में सख्त कदम उठाने जा रही बिहार सरकार ने ड्यूटी से गायब चिकित्सकों से 15 दिन में जवाब मांगा है।
सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक राज्य के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत 30 डॉक्टर लंबे समय से गायब हैं। वे ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं। इन डॉक्टरों को शोकॉज जारी कर सरकार ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। चिकित्सकों को नोटिस का जवाब 15 दिनों के अंदर देना होगा। यदि जवाब उचित नहीं पाया गया, तो उनपर सख्त कार्रवाई की जाएगी। नोटिस जारी होने के बाद बिहार भर के डॉक्टरों में हड़कंप मच गया है।
उधर, एनबीटी से बातचीत में आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने बताया कि डॉक्टरों के साथ ठीक नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि एनएमसीएच के अधीक्षक का निलंबन पूरी तरह से गलत है। नियमानुसार पहले डॉक्टरों को नोटिस जारी किया जाना चाहिए था। उसके बाद जवाब आने पर कार्रवाई की जानी चाहिए थी। लेकिन, आनन-फानन में कार्रवाई की जा रही है। जिसे लेकर हमलोग आज शाम बैठक करेंगे और इस मुद्दे पर फैसला लेंगे।
डॉ बिनोद कुमार सिंह के निलंबन से IMA बुरी तरह से नाराज हो गया है। एनएमसीएच अधीक्षक के निलंबन पर राष्ट्रीय आईएमए और बिहार IMA ने सवाल खड़े कर दिए हैं। राष्ट्रीय IMA के अध्यक्ष डॉक्टर सहजानंद सिंह ने तेजस्वी यादव की कार्रवाई पर सवाल उठा दिए हैं।डॉ सहजानन्द ने कहा कि बिना कारण बताओ नोटिस के NMCH अधीक्षक डॉ बिनोद कुमार सिंह को कैसे निलंबित किया गया। डॉक्टर बिनोद कुमार सिंह जैसे कर्तव्यनिष्ठ डॉक्टर का सस्पेंशन बिल्कुल गलत है। इस पूरे मामले को लेकर आईएमए और राष्ट्रीय IMA इमरजेंसी मीटिंग करने जा रहा है। यही नहीं IMA इसको लेकर नाराजगी जताते हुए सीएम नीतीश कुमार को खत लिखने की तैयारी कर रहा है। उधर, सूत्रों का ये भी कहना है कि तेजस्वी ने गलत फीडबैक पर बिना पड़ताल के जल्दबाजी में ये कदम उठा लिया।
एनएमसीएच के अधीक्षक बिनोद कुमार सिंह पर सरकार की कार्रवाई और निलंबन के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। IMA इमरजेंसी मीटिंग तो बुलाने ही जा रहा है, उधर डॉक्टर बिनोद ने भी अपने निलंबन को चुनौती दे दी है। डॉ बिनोद कुमार सिंह ने कहा कि सरकार का यह फैसला पूरी तरह से गलत है, बिना नोटिस दिए निलंबन करना पूरी तरह से गलत है। सरकार अपने फैसले पर विचार करें नहीं तो वह कोर्ट की शरण लेगे।