साढ़े 10 करोड़ की आरा तनिष्क लूट का मुख्य आरोपी सूरज तिवारी, 11 महीने से था फरार

Neha Nanhe

NEWS PR डेस्क : बिहार के विवादित साढ़े 10 करोड़ रुपये के तनिष्क लूटकांड में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। मुख्य आरोपी Suraj Tiwari को सारण (छपरा) से गिरफ्तार किया गया। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक कुल 24 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि कुछ आरोपी अभी भी फरार हैं।

भोजपुर पुलिस ने साढ़े 10 करोड़ की आरा तनिष्क शोरूम लूट कांड के मुख्य आरोपी सूरज तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है। सूरज की तलाश पिछले 11 महीनों से जारी थी। गिरफ्तारी सारण जिले के छपरा स्थित दाउदपुर थाना क्षेत्र से हुई, जिसकी पुष्टि एसपी राज ने की। हाजीपुर निवासी सूरज तिवारी लंबे समय से पुलिस की निगरानी में था और उसके खिलाफ पहले ही इश्तेहार जारी किया जा चुका था। अब पुलिस सूरज को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर बचे हुए सोने और अन्य फरार अपराधियों का पता लगाने की तैयारी कर रही है।

आरा तनिष्क लूट कांड की पृष्ठभूमि

10 मार्च 2025 को आरा के शीश महल चौक स्थित तनिष्क शोरूम में दिनदहाड़े सात हथियारबंद अपराधियों ने करीब 10.5 करोड़ रुपए के जेवरात लूट लिए थे। वारदात के तुरंत बाद अपराधियों और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें दो अपराधी घायल हुए और जेवरात से भरे दो बैग बरामद किए गए। अब तक इस मामले में कुल 24 अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

जांच के दौरान पुलिस का अपराधियों से कई बार आमना-सामना हुआ। 22 मार्च 2025 को अररिया में चुनमुन झा मुठभेड़ में मारा गया, जबकि 6 फरवरी को वैशाली में हुई मुठभेड़ में प्रिंस नामक अपराधी ढेर हुआ। फिलहाल पुलिस मुख्य रूप से निक्कू सिंह और बाबा नाम के फरार संदिग्धों की तलाश कर रही है।

भोजपुर पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार सूरज तिवारी और पहले पकड़े गए नीतीश पांडेय के पास लूटे गए जेवरात में से लगभग आधा किलो सोना होने की जानकारी थी। नीतीश पहले ही सलाखों के पीछे है। अब सूरज की गिरफ्तारी से पुलिस को उम्मीद है कि बचे हुए सोने की बरामदगी और लूट की योजना के अन्य पहलुओं का खुलासा होगा।

बताया जा रहा है कि फरार अपराधियों को पकड़ने के लिए 17 फरवरी 2026 को सूरज तिवारी और निक्कू सिंह के घरों पर इश्तेहार चस्पा किया गया, जिसमें आत्मसमर्पण की चेतावनी दी गई थी। इसके बाद पुलिस की स्पेशल टीम ने तकनीकी सर्विलांस के आधार पर सारण में दबिश दी और सूरज को धर दबोचा।

Share This Article