NEWS PR डेस्क: पूर्णिया में 27 जनवरी को दिनदहाड़े अपने बेटे सूरज बिहारी की हत्या के सदमे में डूबे पिता जवाहर यादव की शुक्रवार सुबह हार्ट अटैक से मौत हो गई। जवाहर यादव अपने गुलाब बाग स्थित आवास पर थे, तभी उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा। आनन-फानन में उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिवार के लिए यह झटका और भी बड़ा है क्योंकि सूरज बिहारी की तेरहवीं भी नहीं हुई थी। कुछ ही दिन पहले जवाहर यादव अपने बेटे की अस्थियां विसर्जित करके लौटे थे। सूरज की मौत का सदमा बर्दाश्त न कर पाने के कारण पिता की भी मौत हो गई।
जवाहर यादव पूर्णिया के बड़े कारोबारी थे। उनका गुलाब बाग क्षेत्र में दर्जनों गोदाम हैं और अरबों रुपये का कारोबार होता है। उनके बेटे सूरज बिहारी ने भी पिता के कारोबार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पिता-पुत्र की मौत से परिवार बुरी तरह से प्रभावित है।
क्या था मामला:
27 जनवरी को सूरज बिहारी की हत्या मरंगा थाना क्षेत्र के नेवालाल चौक में हुई थी। विवाद को सुलझाने के लिए सूरज मौके पर पहुंचे थे, तभी उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई गईं। इस मामले का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है और न्यायालय के आदेश पर सभी अभियुक्तों के घर कुर्की के इश्तहार चिपकाए गए हैं।
विवाद की वजह:
सुरज बिहारी की हत्या एक स्थानीय विवाद से जुड़ी थी। पूर्णिया के ब्लॉगर सूरज शर्मा और एक लड़की की फोटो को लेकर शुरू हुए विवाद में लड़की के बॉयफ्रेंड स्नेहिल झा ने सूरज शर्मा के साथ मारपीट की थी। 27 जनवरी को इस विवाद को सुलझाने के लिए सूरज बिहारी वहां पहुंचे थे, इसी दौरान उनकी हत्या कर दी गई।
बता दें 28 वर्षीय सूरज बिहारी बचपन से ही बिजनेस में रुचि रखते थे और 20 साल की उम्र में उन्होंने अपने पिता के कारोबार की कमान संभाल ली थी। उनके पास मक्के के करीब 18 गोदाम थे, साथ ही बिल्डिंग मैटेरियल और रियल एस्टेट में भी बड़ा निवेश था। बताया जाता है कि उनका सालाना टर्नओवर लगभग 15 करोड़ रुपये था।

लग्जरी लाइफ-स्टाइल के लिए थे मशहूर:
सूरज बिहारी अपनी हाई-प्रोफाइल लाइफ-स्टाइल को लेकर भी चर्चा में रहते थे। वे करीब ढाई करोड़ रुपये की डिफेंडर कार से चलते थे और उनके पास 22 लाख रुपये की लाइसेंसी पिस्टल थी। सुरक्षा के लिए 2-3 निजी गार्ड तैनात रहते थे, जिन पर हर महीने लगभग एक लाख रुपये खर्च होते थे।कारों और बाइक्स के शौकीन सूरज के पास डिफेंडर, पजेरो, स्कॉर्पियो, जिप्सी, बुलेट समेत करीब 8 वाहन थे।
सोशल मीडिया से मिली पहचान:
शोहरत पाने के लिए सूरज ने ब्लॉगिंग शुरू की थी। वे सोशल मीडिया पर नियमित रूप से वीडियो और रील्स पोस्ट करते थे, जिनमें उनकी लग्जरी लाइफ-स्टाइल साफ नजर आती थी। महज एक साल में इंस्टाग्राम पर उनके 30 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए थे, जबकि फेसबुक पर भी 11 हजार से अधिक लोग उनसे जुड़े थे।