भागलपुर में बिहार सरकार की अपराधियों के खिलाफ सख्त नीति का असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। सुलतानगंज थाना क्षेत्र के गनगनिया इलाके से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में चर्चा छेड़ दी है। यहां एक कुख्यात अपराधी ने गंगा नदी में अपने हथियार विसर्जित कर अपराध की दुनिया छोड़ने का ऐलान किया है।

मामले में चर्चा का केंद्र बना है कुख्यात अपराधी कैलाश मंडल, जिसका एक वीडियो और तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि कैलाश मंडल हाल ही में जेल से रिहा हुआ है और उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी समेत कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं। वह पहले भी कई बार जेल जा चुका है। जेल से बाहर आने के बाद कैलाश मंडल ने हाल के दिनों में सरकार की “अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई” और “गोली चलाओगे तो गोली खाओगे” जैसी नीतियों की चर्चा सुनी। इसके बाद उसने अपराध का रास्ता छोड़ने का निर्णय लिया।

जानकारी के अनुसार, कैलाश मंडल गंगा घाट पहुंचा, जहां उसने पहले विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद उसने अपने हथियार को गंगा नदी में विसर्जित कर दिया और अपराध की दुनिया से दूरी बनाने की शपथ ली। उसने यह भी कहा कि अब वह सादगीपूर्ण जीवन जिएगा और किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं होगा।
सरकार की सख्त नीति का असर
यह घटना स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। कुछ लोग इसे सरकार की सख्त नीति का असर मान रहे हैं, तो कुछ इसे अपराध छोड़ने की व्यक्तिगत पहल के रूप में देख रहे हैं। फिलहाल पूरे मामले को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं जारी हैं।
भागलपुर से श्यामानंद सिंह की रिपोर्ट