NEWS PR डेस्क: नई दिल्ली,03 मई। दुनिया भर के खगोल वैज्ञानिक एक दुर्लभ खगोलीय घटना का इंतजार कर रहे हैं, जिसे इस सदी का सबसे लंबा सूर्यग्रहण माना जा रहा है। 2 अगस्त 2027 को होने वाला यह पूर्ण सूर्यग्रहण यूरोप, उत्तरी अफ्रीका और मध्य पूर्व के कई हिस्सों में दिखाई देगा।
नासा के मुताबिक, यह ग्रहण मोरक्को और स्पेन से शुरू होकर अल्जीरिया, ट्यूनीशिया, लीबिया, मिस्र और सऊदी अरब से होते हुए यमन और सोमालिया के तट पर समाप्त होगा। इस दौरान मिस्र के लक्सर और असवान जैसे क्षेत्रों में इसकी अवधि सबसे अधिक दर्ज की जाएगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस ग्रहण की अवधि करीब 6 मिनट 23 सेकंड होगी, जो सामान्य सूर्यग्रहण की तुलना में दोगुनी से भी अधिक है। आमतौर पर पूर्ण सूर्यग्रहण 3 मिनट के आसपास तक रहता है, लेकिन यह घटना 1991 से 2114 के बीच होने वाले सभी सूर्यग्रहणों में सबसे लंबी मानी जा रही है।

वैज्ञानिक बताते हैं कि सूर्यग्रहण तब होता है जब पृथ्वी, चंद्रमा और सूर्य एक सीध में आ जाते हैं और चंद्रमा सूर्य की रोशनी को आंशिक या पूर्ण रूप से ढक लेता है। यह घटना केवल अमावस्या के दिन ही संभव होती है। सूर्यग्रहण तीन प्रकार के होते हैं-पूर्ण, वलयाकार और आंशिक।
इस खगोलीय घटना को लेकर वैज्ञानिकों में खास उत्साह है, क्योंकि इतनी लंबी अवधि वाला पूर्ण सूर्यग्रहण बेहद दुर्लभ होता है। हालांकि, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि सूर्यग्रहण को नंगी आंखों से देखना खतरनाक हो सकता है। इसे देखने के लिए विशेष चश्मे या सुरक्षित उपकरणों का उपयोग करना जरूरी है।वैज्ञानिकों का मानना है कि यह सूर्यग्रहण न केवल शोध के लिए महत्वपूर्ण होगा, बल्कि आम लोगों के लिए भी एक अनोखा और यादगार अनुभव साबित होगा।