आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए बिहार सरकार ने पंचायत स्तर पर ‘सहयोग शिविर’ आयोजित करने का बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहल पर शुरू हो रहा यह अभियान 19 मई से पूरे राज्य में एक साथ लागू होगा। राज्य सरकार ने गुरुवार (30 अप्रैल 2026) को ‘सहयोग शिविर’ के आयोजन को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। इस अभियान के तहत अधिकारी पंचायत स्तर पर पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनेंगे और मौके पर ही उनके समाधान की दिशा में काम करेंगे। सरकार का उद्देश्य प्रशासन को गांव-गांव तक पहुंचाना और आम जनता को राहत देना है हालांकि, इस पहल को लेकर सियासत भी तेज हो गई है और कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तंज
कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने बयान जारी कर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तंज कसते हुए कहा कि यह सब दिखावटी पहल है। उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा, “एक पुरानी कहावत है कि नया मुल्ला प्याज अधिक खाता है। अभी सम्राट जी नए-नए मुल्ला बने हैं. ..कुछ दिनों तक प्याज अधिक खाएंगे। ” असित नाथ तिवारी ने कहा कि सम्राट चौधरी कह रहे हैं गांव-गांव अधिकारी जाएंगे। गांव-गांव मंत्री जाएंगे…. आपको याद होगा कि नीतीश कुमार भी मुख्यमंत्री बने थे तो उन्होंने भी ऐसा ही प्रयोग किया था… गांव-गांव तो भूल जाइए, गांव के लोग अधिकारी के दरवाजे पर माथा रगड़ कर लौट आए, कोई अधिकारी नहीं मिला, ना आगे मिलेगा।
केंद्र सरकार पर भी हमला
इतना ही नहीं कांग्रेस प्रवक्ता ने आगे बीजेपी-जेडीयू सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी-जेडीयू की सरकार या बीजेपी की सरकार जहां भी है वहां के ब्यूरोक्रेट्स शासक होते हैं। सीएम ब्यूरोक्रेट्स का पीए होता है। वहीं दूसरी ओर असित नाथ तिवारी ने पीएम मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस पकौड़ा तलो योजना के पैरोकार हैं, वो पकौड़ा कमर्शियल सिलेंडर पर ही तला जाता है… जिसकी कीमत सीधे 1000 कीमत बढ़ा दी गई। मतलब आप ठेले पर भी चाय पीने जाएंगे तो 20 रुपये की चाय मिलेगी। मात्र पांच किलो जिस सिलेंडर में गैस आता है, जिसका इस्तेमाल मजदूर करते हैं, जिसका इस्तेमाल घर से दूर रहकर पढ़ने वाले बच्चे करते हैं, उस पर आपने पौने तीन सौ रुपये कीमत बढ़ा दी। आप किस कदर जुर्म करिएगा? …देश इसका जवाब देगा। “
“नया मुल्ला प्याज ज्यादा खाता है…”—कांग्रेस प्रवक्ता का मुख्यमंत्री पर तंज
योजना पर भरोसा या दिखावा—बिहार में सहयोग शिविर को लेकर सियासी घमासान तेज