NEWS PR डेस्क: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 के आम बजट में वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना बिहार के बक्सर, आरा, पटना, कटिहार और किशनगंज से होकर गुजरेगी, जिससे राज्य की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
देशभर में प्रस्तावित सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में शामिल यह लगभग 700 किलोमीटर लंबा रूट उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल को जोड़ेगा। इस कॉरिडोर का सबसे बड़ा हिस्सा बिहार में होगा, जिससे राज्य के प्रमुख शहरों को हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से सीधा लाभ मिलेगा।
हाई-स्पीड रेल के शुरू होने से तीनों राज्यों के बीच यात्रा का समय काफी कम होगा और माल ढुलाई भी तेज हो सकेगी। माना जा रहा है कि इन ट्रेनों की रफ्तार 300 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है, जिससे औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस परियोजना का सीधा असर जमीन की कीमतों पर पड़ेगा। जिन जिलों से यह कॉरिडोर गुजरेगा, वहां भूमि के दाम कम से कम 20 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं। जमीन की कीमतों में बढ़ोतरी इस बात पर भी निर्भर करेगी कि संबंधित इलाकों में सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाएं कैसी हैं।