फाइल लटकाने वाले अधिकारीयों की खैर नहीं: मुख्यमंत्री ने दी सख्त चेतावनी, अवैध कब्जों पर चलेगा ‘बुलडोजर’

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: मुंगेर, 26 अप्रैल। मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार अपने गृह जिला मुंगेर और विधानसभा क्षेत्र तारापुर पहुंचे सम्राट चौधरी का जोरदार स्वागत हुआ। इस दौरान उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें यह जिम्मेदारी नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार के विश्वास से मिली है, जिसे वे एक चुनौती के रूप में स्वीकार करते हैं।

करीब 16 मिनट के अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि अब प्रशासनिक ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि ब्लॉक, अंचल और थाना स्तर के कामकाज की सीधी मॉनिटरिंग मुख्यमंत्री कार्यालय करेगा। यदि कोई अधिकारी एक महीने से अधिक समय तक फाइल लंबित रखता है, तो उस पर कार्रवाई तय है।

मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि यह उनके लिए खास अवसर है कि जिस क्षेत्र में उनका जन्म हुआ, वहीं सेवा करने का मौका मिला है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि बिहार में सड़क, बिजली और पानी की व्यवस्था को मजबूत किया गया और बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा मिला। अब इन प्रयासों को और तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा।

भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यदि कोई निर्माण सरकारी जमीन पर है तो उसे हटाया जाएगा, चाहे वह उनका अपना घर ही क्यों न हो। उन्होंने बताया कि तारापुर में उनके घर की सीढ़ी भी प्रशासन द्वारा हटाई जा रही है, जो कानून के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने ढोल पहाड़ी में इको-टूरिज्म परियोजना का शिलान्यास किया, जिसे करीब 12.49 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा। आपकोप बता दें कि पहली कैबिनेट बैठक में ही तारापुर में 15 एकड़ भूमि पर पर्यटन विकास योजना को मंजूरी दी गई थी, जिससे क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि हर महीने दो दिन पंचायत स्तर पर कैंप लगाए जाएंगे, जहां लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘सहयोग कार्यक्रम’ के तहत सरकार जनता तक सीधे पहुंचेगी।

वित्तीय स्थिति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि जब 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने का निर्णय लिया गया था, तब कई लोगों ने संसाधनों को लेकर चिंता व्यक्त की थी, लेकिन सरकार ने इसे सफलतापूर्वक लागू किया। अब राज्य के पास संसाधनों की कमी नहीं है और रुकी हुई सभी परियोजनाओं को पूरा किया जाएगा।

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