NEWSPR डेस्क। बिहार के पूर्णिया जिले में साइबर अपराधियों ने जज बनकर फैमिली कोर्ट के एक पेशकार से 20 हजार रुपये की ठगी कर ली। मामले में पुलिस ने फर्जी तरीके से सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी बनमनखी थाना क्षेत्र के रसाढ़ वार्ड संख्या-6 के निवासी हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संतोष कुमार विश्वास और रितेश कुमार मंडल के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी सिम पोर्टिंग के दौरान धोखाधड़ी कर फर्जी तरीके से नए सिम निकालते थे और उन्हें साइबर ठगों को बेचते थे।
साइबर डीएसपी चंदन कुमार ठाकुर ने बताया कि 10 दिसंबर को सिविल कोर्ट परिसर स्थित फैमिली कोर्ट में कार्यरत पेशकार राहुल कुमार को एक अनजान मोबाइल नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को सीतामढ़ी का जज बताते हुए कहा कि वह अस्पताल में भर्ती हैं और उन्हें तत्काल 45 हजार रुपये की जरूरत है।
फोन करने वाले की बातों पर भरोसा करते हुए राहुल कुमार को लगा कि कॉल पूर्णिया से ट्रांसफर होकर सीतामढ़ी गए फैमिली कोर्ट के जज की ओर से आया है। इसी विश्वास में उन्होंने क्यूआर कोड के माध्यम से 20 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।कुछ देर बाद जब राहुल कुमार ने वास्तविक जज से संपर्क किया तो उन्हें पता चला कि किसी भी तरह की मदद या पैसे की मांग नहीं की गई थी। इसके बाद उन्होंने साइबर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंक खाते को होल्ड कराया। जांच में पता चला कि जिस मोबाइल नंबर से कॉल किया गया था, वह अररिया जिले के भरगामा निवासी चंद्रपाल मुखिया के नाम पर रजिस्टर्ड था। मामले के खुलासे के लिए गठित विशेष टीम अररिया पहुंची, जहां जांच में सामने आया कि संतोष कुमार और रितेश कुमार ने सिम पोर्टिंग के दौरान धोखे से चंद्रपाल मुखिया के नाम पर नया सिम निकलवाया था और उसे साइबर ठगों को बेच दिया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। फिलहाल मामले की गहन जांच जारी है। साइबर ठगी गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और ठगी की राशि की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. इस कार्रवाई में साइबर थाना के एसआई राजेश कुमार गुप्ता, रविशंकर कुमार, मनीष चंद्र यादव, ऋषि यादव, सिपाही आनंद कुमार सिंह सहित टेक्निकल टीम के सदस्य शामिल थे।