NEWS PR डेस्क: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 9.13 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में यह बजट प्रस्तुत किया, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में करीब 12–13 प्रतिशत अधिक है। यह योगी सरकार का लगातार 10वां बजट है।
महिलाओं और छात्राओं पर विशेष जोर
चुनावी वर्ष में पेश किए गए इस बजट में महिलाओं की सुरक्षा, सुविधा और सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है। सरकार ने मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने की योजना के लिए इस बार 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। पिछले बजट में इस योजना के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, लेकिन स्कूटी वितरण नहीं हो सका था। अब अतिरिक्त 400 करोड़ रुपये जोड़कर कुल राशि 500 करोड़ कर दी गई है।
इसके अलावा, बेटियों की शादी के लिए दी जाने वाली अनुदान राशि को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया है।
महिलाओं के लिए अन्य घोषणाएं
सरकार ने कामकाजी महिलाओं के लिए जिला स्तर पर श्रमजीवी छात्रावास (वर्किंग वूमेन हॉस्टल) बनाने की घोषणा की है। साथ ही, महिलाओं के रोजगार को बढ़ावा देने के लिए भी योजनाएं लाई जाएंगी।
युवाओं और रोजगार पर फोकस
बजट में 10 लाख युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के तहत युवाओं को छोटे उद्योग स्थापित करने के लिए ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त, हर कमिश्नरी में एक स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी स्थापित करने की घोषणा भी की गई है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि को प्राथमिकता
सरकार ने बताया कि बजट का 12.4 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा पर, 6 प्रतिशत स्वास्थ्य पर और 9 प्रतिशत कृषि एवं संबंधित योजनाओं पर खर्च किया जाएगा। अनाज भंडारण के लिए वेयरहाउस और गोदाम निर्माण पर सब्सिडी दी जाएगी। साथ ही, राज्य में सिटी इकोनॉमिक जोन विकसित किए जाएंगे।
सरकार का दावा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में सरकार ने कोई नया टैक्स नहीं लगाया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य की बेरोजगारी दर घटकर 2.24 प्रतिशत से नीचे आ गई है और प्रदेश की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है।
चुनावी माहौल में पेश किया गया यह बजट महिलाओं, युवाओं और किसानों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिससे सरकार ने सामाजिक और आर्थिक दोनों मोर्चों पर संतुलन साधने की कोशिश की है।