NEWS PR डेस्क : बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए सोमवार सुबह से मतदान शुरू हो गया है। राज्य विधानसभा परिसर में सुबह 9 बजे से वोटिंग चल रही है और सभी 243 विधायक शाम 4 बजे तक अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदान समाप्त होने के बाद शाम 5 बजे से मतों की गिनती शुरू होगी और देर शाम तक परिणाम घोषित होने की संभावना है।
इस बार चुनाव दिलचस्प इसलिए हो गया है क्योंकि पांच सीटों के लिए कुल छह उम्मीदवार मैदान में हैं। ऐसे में पांचवीं सीट को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और महागठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला माना जा रहा है।
राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए किसी भी उम्मीदवार को कम से कम 41 विधायकों के प्रथम वरीयता के वोट की जरूरत होती है। बिहार विधानसभा में एनडीए के पास कुल 202 विधायकों का समर्थन है, जिसके आधार पर उसके चार उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है। हालांकि पांचवें उम्मीदवार को जीत दिलाने के लिए एनडीए को अभी भी तीन अतिरिक्त वोटों की आवश्यकता बताई जा रही है, जिसके कारण मुकाबला और रोचक हो गया है।
मतदान प्रक्रिया के दौरान विधानसभा में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है और चुनावी नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। मतदान कक्ष में विधायकों को मोबाइल फोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं है। मतदान के लिए विशेष रूप से बैंगनी रंग के स्केच पेन की व्यवस्था की गई है और उसी पेन से वोट डालना अनिवार्य है। किसी अन्य पेन का उपयोग करने पर वोट अमान्य माना जाएगा।
राज्यसभा चुनाव में एक विशेष प्रक्रिया के तहत हर विधायक मतदान के बाद अपने दल के अधिकृत प्रतिनिधि को यह दिखाता है कि उसने किस उम्मीदवार को वोट दिया है। इसके बाद ही वोट वैध माना जाता है। मतदान कक्ष में सभी राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।
राजनीतिक हलचल के बीच विधानसभा परिसर में नेताओं की आवाजाही भी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी मतदान के लिए विधानसभा पहुंच चुके हैं, जबकि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार मतदान प्रक्रिया की निगरानी के लिए मौजूद हैं। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही इस चुनाव में अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।
एनडीए की ओर से जनता दल (यू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भारतीय जनता पार्टी के नेता नितिन नवीन और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा उम्मीदवार हैं। इसके अलावा जदयू से केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर भी तीसरी बार राज्यसभा पहुंचने की उम्मीद लगाए हुए हैं। भाजपा ने प्रदेश महासचिव और पूर्व विधायक शिवेश कुमार को भी उम्मीदवार बनाया है।
वहीं महागठबंधन की तरफ से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने अमरेंद्र धारी सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है। विधानसभा में राजद के पास 25 विधायक हैं। सहयोगी दलों के समर्थन के बावजूद अपने उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने के लिए उसे अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की जरूरत पड़ सकती है।
चुनावी नियमों के मुताबिक यदि किसी उम्मीदवार को प्रथम वरीयता के आधार पर आवश्यक 41 वोट नहीं मिलते हैं, तो दूसरी वरीयता के वोटों की गिनती की जाएगी। हालांकि यह प्रक्रिया केवल उसी सीट के लिए लागू होगी, जहां पहले चरण में परिणाम स्पष्ट नहीं हो पाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चार सीटों का परिणाम लगभग तय है, लेकिन पांचवीं सीट को लेकर मुकाबला काफी रोमांचक हो सकता है। ऐसे में सभी की नजरें अब शाम 5 बजे से शुरू होने वाली मतगणना और उसके बाद आने वाले अंतिम नतीजों पर टिकी हुई हैं।