NEWS PR डेस्क: राज्य सरकार ने विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के बेहतर क्रियान्वयन और प्रभावी निगरानी के उद्देश्य से मंत्रियों को जिलों का प्रभार सौंप दिया है। 2025 विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में गठित नई सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में यह अहम कदम उठाया है। इस संबंध में मंत्रिमंडल सचिवालय की ओर से आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है।
सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष सह प्रभारी मंत्री के मनोनयन से जुड़ी पूर्व की सभी अधिसूचनाओं को रद्द कर दिया गया है। अब अगले आदेश तक मंत्रियों को उनके नाम के सामने उल्लेखित जिलों का प्रभारी मंत्री सह समिति अध्यक्ष नामित किया गया है।
सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था से जिलों में संचालित विकास योजनाओं की नियमित समीक्षा, प्रशासनिक समन्वय में सुधार और जनहित से जुड़े कार्यक्रमों के कार्यान्वयन में गति आएगी। प्रभारी मंत्री जिलों में विकास कार्यों की प्रगति की निगरानी करेंगे और स्थानीय समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
प्रभारी मंत्री और उनके जिले इस प्रकार हैं
सम्राट चौधरी को पटना, विजय कुमार सिन्हा को मुजफ्फरपुर और भोजपुर, विजय कुमार चौधरी को पूर्वी चंपारण और नालंदा, बिजेंद्र प्रसाद यादव को वैशाली और सारण, श्रवण कुमार को समस्तीपुर और पूर्णिया, जबकि मंगल पांडेय को दरभंगा और पश्चिमी चंपारण का प्रभार सौंपा गया है।
डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल को भागलपुर और गया, अशोक चौधरी को सीतामढ़ी, शिवहर और जहानाबाद, श्रीमती लेशी सिंह को मधुबनी और मधेपुरा, मदन सहनी को सुपौल और खगड़िया, राम कृपाल यादव को कैमूर तथा संतोष कुमार सुमन को औरंगाबाद का प्रभारी मंत्री बनाया गया है।

इसी प्रकार सुनील कुमार को रोहतास और लखीसराय, मो. जमा खान को किशनगंज और शेखपुरा, संजय सिंह ‘टाइगर’ को बांका, अरुण शंकर प्रसाद को बेगूसराय, सुरेंद्र मेहता को कटिहार, नारायण प्रसाद को गोपालगंज और श्रीमती रमा निषाद को बक्सर जिले की जिम्मेदारी दी गई है।