NEWS PR डेस्क: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत रविवार, 25 जनवरी से अपने चार दिवसीय बिहार दौरे पर निकल रहे हैं। इस दौरे की शुरुआत वे उत्तर बिहार के मुजफ्फरपुर से करेंगे, जहां संघ के शताब्दी वर्ष को लेकर चल रही तैयारियों के बीच स्वयंसेवकों को उनका मार्गदर्शन मिलेगा। इसके बाद वे 27 और 28 जनवरी को पटना में प्रवास करेंगे। बिहार विधानसभा चुनाव के बाद यह उनका पहला बिहार दौरा माना जा रहा है।
मुजफ्फरपुर प्रवास इस बार एक विशेष ऐतिहासिक महत्व भी रखता है। संघ के वरिष्ठ स्वयंसेवक और अधिवक्ता गौरीशंकर प्रसाद (गौरी बाबू) के अनुसार, यह पहला अवसर होगा जब कोई सरसंघचालक गणतंत्र दिवस के दिन मुजफ्फरपुर में उपस्थित रहेंगे और संघ कार्यालय ‘मधुकर निकेतन’ में ध्वजारोहण करेंगे। हालांकि इससे पहले गुरुजी गोलवलकर सहित कई पूर्व सरसंघचालक मुजफ्फरपुर आ चुके हैं, लेकिन 26 जनवरी को झंडोत्तोलन और संबोधन का संयोग पहली बार बन रहा है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 25 जनवरी को मुजफ्फरपुर पहुंचने के बाद मोहन भागवत ‘सामाजिक सद्भाव गोष्ठी सह संवाद कार्यक्रम’ में भाग लेंगे। इस अवसर पर वे ‘समाज परिवर्तन में सज्जन शक्ति की भूमिका’ विषय पर मुख्य संबोधन देंगे। कार्यक्रम में उत्तर बिहार के विभिन्न जिलों से संघ के प्रतिनिधि, प्रबुद्ध नागरिक और स्वयंसेवक शामिल होंगे।
गणतंत्र दिवस, 26 जनवरी को ध्वजारोहण समारोह के बाद सरसंघचालक संघ के खंड, जिला और प्रांत स्तर के संघचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। बैठक में संगठनात्मक विस्तार, आगामी योजनाओं और संघ के शताब्दी वर्ष के लक्ष्यों को लेकर विचार-विमर्श किए जाने की संभावना है। मुजफ्फरपुर प्रवास के बाद वे पटना के लिए रवाना होंगे।
सरसंघचालक के दौरे को देखते हुए संघ कार्यालय में तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। वहीं, प्रशासन ने हाई-प्रोफाइल मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।