राहुल गांधी पर सवाल उठाए तो घर पर हमला ? कांग्रेस नेतृत्व पर गंभीर आरोप से मचा सियासी तूफान

Puja Srivastav

NEWS PR डेस्क : राहुल गांधी को ‘डरपोक’ कहने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शकील अहमद ने बड़ा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पार्टी की शीर्ष नेतृत्व के संकेत पर उनके पटना और मधुबनी स्थित आवासों को निशाना बनाया जा सकता है। शकील अहमद ने सोशल मीडिया के ज़रिए इस आशंका को सार्वजनिक करते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और असहमति की आवाज़ को दबाने की कोशिश है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शकील अहमद ने पार्टी की शीर्ष नेतृत्व पर सीधे सवाल खड़े करते हुए सियासी माहौल गरमा दिया है। राहुल गांधी की कार्यशैली की कड़ी आलोचना के बाद अब उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका जताई है। शकील अहमद का कहना है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व के इशारे पर बिहार कांग्रेस और युवा कांग्रेस को उनके आवासों को निशाना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। यह पूरा विवाद तब गहराया जब एक पॉडकास्ट में शकील अहमद ने राहुल गांधी को ‘असुरक्षित नेतृत्व’ वाला नेता बताया। इन आरोपों के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में शकील अहमद ने राहुल गांधी के नेतृत्व पर तीखी टिप्पणी करते हुए कई गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने राहुल गांधी को ‘डरपोक’ और ‘असुरक्षित’ नेता बताते हुए कहा कि पार्टी के भीतर मजबूत और असरदार नेताओं से राहुल गांधी दूरी बनाकर रखते हैं। शकील अहमद का दावा है कि मल्लिकार्जुन खरगे सिर्फ औपचारिक तौर पर पार्टी अध्यक्ष हैं, जबकि वास्तविक सत्ता राहुल गांधी के हाथ में है। उनका यह भी कहना है कि राहुल गांधी उन्हीं नेताओं के साथ काम करते हैं, जहां उन्हें खुद को सबसे ऊपर रखने का अवसर मिलता है, अन्यथा वे ऐसे लोगों को किनारे कर देते हैं।

शकील अहमद ने पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके आवासों को निशाना बनाया जा सकता है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किए गए पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि पार्टी के कुछ सहयोगियों से उन्हें गोपनीय जानकारी मिली है। इसके मुताबिक, कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर बिहार कांग्रेस और युवा कांग्रेस को 27 जनवरी को पुतला दहन की आड़ में उनके पटना और मधुबनी स्थित घरों पर हमला करने का आदेश दिया गया है। शकील अहमद ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री शकील अहमद ने राहुल गांधी के अभियानों पर सवाल उठाते हुए कहा कि ‘संविधान बचाओ’ आंदोलन का जमीनी स्तर पर कोई खास प्रभाव नहीं दिख रहा है। उन्होंने मुस्लिम समुदाय का हवाला देते हुए दावा किया कि राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों से खुद मुसलमान भी सहमत नहीं हैं। साथ ही, कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर निशाना साधते हुए शकील अहमद ने कहा कि पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मुस्लिम नेताओं के साथ सार्वजनिक रूप से तस्वीरें तक खिंचवाने से कतराते हैं, क्योंकि उन्हें अपने हिंदू वोट बैंक के प्रभावित होने का डर बना रहता है।

शकील अहमद ने साफ किया कि उनकी आपत्ति राहुल गांधी की कार्यशैली को लेकर है, न कि कांग्रेस पार्टी से। उन्होंने किसी दूसरे राजनीतिक दल में जाने की अटकलों को पूरी तरह नकार दिया। हालांकि, चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के साथ कांग्रेस की साझेदारी पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि जब कोच ही मैदान में उतरकर बल्लेबाज़ी करने लगे, तो टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद नहीं की जा सकती। राजनीतिक हलकों में उनके इस बयान को कांग्रेस की मौजूदा चुनावी रणनीति पर सीधा सवाल और उसकी विफलता की ओर इशारा माना जा रहा है।

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