NEWS PR डेस्क : पटना से हाजीपुर का सफर अब पहले से कहीं ज़्यादा तेज़ होने वाला है। मिनटों में दोनों शहरों को जोड़ने वाला नया फोर लेन पुल जल्द ही आम लोगों के लिए शुरु कर दी जाएगी । गांधी सेतु पर लगातार बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को कम करने के उद्देश्य से इस समानांतर फोर लेन ब्रिज का निर्माण किया गया है, जो अब लगभग पूरा हो चुका है। उम्मीद है कि इस साल के अंत तक हाजीपुर जाने के लिए यह नया पुल चालू कर दिया जाएगा।
पटना और हाजीपुर के बीच रोज़ाना आवाजाही करने वालों के लिए यह राहत की बड़ी खबर है। महात्मा गांधी सेतु पर लगने वाले लंबे जाम से लोगों को जल्द निजात मिलने वाली है। पथ निर्माण विभाग द्वारा गांधी सेतु के समानांतर बनाए जा रहे अतिरिक्त फोर लेन पुल का निर्माण कार्य तेजी से अपने अंतिम चरण में है और इसे इस वर्ष के अंत तक पूरा किए जाने की संभावना है। विभाग का मानना है कि इस पुल के चालू होने के बाद उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच यातायात कहीं अधिक सुचारु हो जाएगा और गांधी सेतु पर लगने वाला भारी ट्रैफिक काफी हद तक कम होगा।
गौरतलब है कि करीब 45 वर्ष पहले एनएच-19 पर बने महात्मा गांधी सेतु पर वाहनों की संख्या लगातार बढ़ने के कारण एक अतिरिक्त समानांतर फोर लेन पुल की आवश्यकता महसूस की गई। भारत सरकार की सिफारिश के बाद इस परियोजना को मंजूरी मिली, जिसके तहत दोनों ओर 14.5 किलोमीटर लंबी संपर्क सड़कों के साथ 5.5 किलोमीटर लंबे पुल का निर्माण कार्य वर्ष 2021 में शुरू किया गया। इस पुल के निर्माण की जिम्मेदारी एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को सौंपी गई है।
पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पुल निर्माण परियोजना का लगभग 60 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। मौजूदा गति को देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि दिसंबर 2026 तक पुल का निर्माण कार्य पूरी तरह समाप्त कर लिया जाएगा। इसके चालू हो जाने के बाद राजधानी पटना सहित जहानाबाद, अरवल, गया, औरंगाबाद, नालंदा और नवादा जैसे जिलों का उत्तर बिहार से आवागमन आसान होगा। वहीं छपरा, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सारण, सीवान और गोपालगंज जैसे जिलों का दक्षिण बिहार से संपर्क भी पहले से कहीं अधिक सुगम हो जाएगा।
महात्मा गांधी सेतु के काफी पुराने हो जाने के कारण कुछ वर्ष पहले इसके सुपर स्ट्रक्चर में आवश्यक बदलाव किए गए थे, जिससे यह फोर लेन पुल अब पूरी तरह सुरक्षित हो गया है और यातायात व्यवस्था भी बेहतर बनी है। इसके बावजूद समय के साथ गांधी सेतु पर वाहनों की संख्या लगातार बढ़ती गई, जिससे ट्रैफिक का दबाव काफी बढ़ गया। इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए केंद्र सरकार की ओर से गांधी सेतु के समानांतर एक अतिरिक्त फोर लेन पुल के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया। इस परियोजना के लिए सरकार ने 2926.42 करोड़ रुपये की राशि को मंजूरी भी दी है।