पटना को जाम से जल्द छुटकारा, ट्रैफिक पुलिस का नया मास्टरप्लान तैयार

Puja Srivastav

NEWS PR डेस्क : अगर रोज़मर्रा के जाम से आपकी भी परेशानियां बढ़ गई हैं, तो यह खबर थोड़ी राहत दे सकती है। पटना में ट्रैफिक की व्यवस्था को सुधारने के लिए शहर में बड़े स्तर पर सर्वे शुरू किया जा रहा है।

लगातार बढ़ते ट्रैफिक और वाहनों के दबाव को देखते हुए यातायात पुलिस ने शहर की सड़कों का नया सर्वे कराने का फैसला किया है। इसका मकसद उन इलाकों और मार्गों की पहचान करना है, जहां ट्रैफिक का दबाव सबसे अधिक होता है।

पिछले एक-दो वर्षों में निजी गाड़ियों, ऑटो और ई-रिक्शा की संख्या तेजी से बढ़ी है, जबकि सड़कों की चौड़ाई लगभग जस की तस बनी हुई है। इस वजह से पुराने ट्रैफिक इंतजाम अब प्रभावी नहीं रह गए हैं और नए प्रबंधन की जरूरत महसूस की जा रही है।

यातायात पुलिस शहर की उन सड़कों की अलग सूची बना रही है, जहां वाहनों का दबाव सबसे ज्यादा रहता है। खासकर मुख्य मार्गों पर दिन में दो समय ऐसे हैं जब जाम सबसे गंभीर होता है—सुबह 9:30 से 12:30 और शाम 4 से 7 बजे। इन समयों में दफ्तर जाने और लौटने वाले लोगों की संख्या बढ़ जाती है, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा जाती है।

सर्वे के आधार पर कई जगहों पर बने अनावश्यक कट को बंद करने की योजना है। व्यस्त समय में कुछ कटों को अस्थायी रूप से बंद रखा जाएगा, ताकि वाहनों की आवाजाही बेहतर हो सके। साथ ही शहर के कई चौक-चौराहों पर नई रेड लाइट लगाने की तैयारी भी चल रही है, जिससे ट्रैफिक को सिग्नल सिस्टम के जरिए नियंत्रित किया जा सके।

यातायात पुलिस के अनुसार, सड़क किनारे बेतरतीब पार्किंग भी जाम की बड़ी वजह है। कई इलाकों में ऑटो और ई-रिक्शा का सड़क पर खड़ा होना ट्रैफिक को और धीमा कर देता है। हाल ही में कुछ चौक-चौराहों पर ऑटो और ई-रिक्शा खड़े करने पर रोक लगाई गई है और अब इन जगहों की निगरानी और सख्त करने की तैयारी की जा रही है।

इस सर्वे में यातायात पुलिस के साथ जिला प्रशासन और परिवहन विभाग के अधिकारी भी शामिल होंगे। ट्रैफिक एसपी का कहना है कि सर्वे की रिपोर्ट मिलने के बाद ही ठोस कदम उठाए जाएंगे, ताकि आम लोगों को रोज़ाना जाम से राहत मिल सके। साथ ही कई जगहों पर रेड लाइट और यूटर्न की उपयोगिता की भी दोबारा समीक्षा की जाएगी।

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