सड़क सुरक्षा पर सख्ती: परिवहन आयुक्त की समीक्षा बैठक, 52 हजार ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने का निर्देश

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के जिला परिवहन पदाधिकारी, अपर जिला परिवहन पदाधिकारी, मोटरयान निरीक्षक, ईएसआई और आरटीए सचिवों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में सड़क सुरक्षा और परिवहन सेवाओं से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

समीक्षा बैठक के दौरान सड़क दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रस्तावित कैशलेस उपचार योजना, आरसी और ड्राइविंग लाइसेंस की लंबित स्थिति, पीएम ई-ड्राइव चार्जिंग स्टेशन, परमिट पेंडेंसी, हेलमेट और सीटबेल्ट जांच जैसे विषयों की समीक्षा की गई।

राज्य में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से परिवहन आयुक्त ने मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं का सख्ती से पालन कराने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित या रद्द करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

आरिफ अहसन ने कहा कि पुलिस और यातायात विभाग से प्राप्त लाइसेंस निलंबन अथवा रद्दीकरण की सूचियों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए। ऐसे वाहनों की निबंधन संख्या अखबारों में प्रकाशित करते हुए नोटिस जारी किया जाए और विधिसम्मत सुनवाई के बाद सख्त कदम उठाए जाएं।

उन्होंने बताया कि पुलिस और यातायात विभाग की अनुशंसा पर राज्यभर में लगभग 52 हजार मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन या रद्दीकरण की कार्रवाई प्रस्तावित है। इनमें पटना, भागलपुर और मुजफ्फरपुर जिलों से सर्वाधिक मामलों की सूची प्राप्त हुई है।

बैठक में परिवहन आयुक्त ने “सबका सम्मान: जीवन आसान (Ease of Living) सात निश्चय-3” के तहत परिवहन सेवाओं को आम जनता तक समयबद्ध और निर्बाध रूप से पहुंचाने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि परिवहन सेवाओं में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इसके साथ ही उन्होंने ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन निबंधन से जुड़े लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने को कहा। प्रिंटिंग और डिस्पैच में किसी भी प्रकार की पेंडेंसी नहीं रहने देने के निर्देश दिए गए और सभी मामलों का त्वरित निष्पादन करने को कहा गया।

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