नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव को विधानसभा में फटकारा, बोले – ‘हम तुम्हारे बाप के समय के हैं

Puja Srivastav

NEWS PR डेस्क : बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव एक बार फिर आमने-सामने आए। सदन का माहौल कुछ ऐसा रहा कि नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव को डांटते हुए सबक दे दिया। नीतीश ने कहा – अभी बच्चा है, बैठो न। हम तुम्हें मानते हैं, मानते हैं कि नहीं।इस बयान के साथ सदन में तनाव और हल्की नोकझोंक का माहौल बन गया।

बिहार विधानसभा के बजट सत्र में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव एक बार फिर आमने-सामने आ गए। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सीएम नीतीश कुमार ने बिहार में सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि “हमारे सत्ता में आने से पहले लोग भय में जीते थे, घरों से बाहर निकलने से डरते थे। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बिहार को मिली उदार मदद के लिए सलाम करता हूं। हमारा लक्ष्य अगले पांच साल में बिहार की प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करना है।

इस दौरान तेजस्वी यादव की टोका-टाकी पर सीएम नाराज हो गए। उन्होंने तेजस्वी को डांटते हुए कहा, “चुपचाप बैठकर मेरी बात सुनो। छह विधायकों को खींचने के लिए पैसे कहां से लाए थे ? कितना खर्च किया था ? गड़बड़ करते थे। उसी का पैसा था सब। और इसी पर तुम लोगों को छोड़ दिए। तेजस्वी यादव मुस्कुराते हुए पलटवार करते दिखाई दिए, लेकिन नीतीश ने कड़क अंदाज में कहा, “अरे बैठो न! तुम बच्चा न हो? हम तुम्हारे बाप के समय के हैं न। हम तुम्हें मानते हैं, तुम्हें बनाया है।

इस बहस के दौरान सदन में हल्की नोकझोंक और तनाव का माहौल बना, लेकिन दोनों नेताओं के बीच एक तरह का सद्भाव भी देखने को मिला। सीएम नीतीश कुमार ने अपनी बात पूरी करते हुए सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं की चर्चा जारी रखी। बिहार विधानसभा का यह नजारा दर्शाता है कि बजट सत्र सिर्फ आर्थिक मुद्दों तक सीमित नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी ड्रामे का रंगीन मंच भी बन जाता है।

बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अभिभाषण पर चर्चा के समय सदन में उठकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आसन से अपील करते हुए कहा कि “महोदय, मेरा नाखून उखड़ गया है। बहुत असहनीय पीड़ा से गुजर रहा हूं। मैं अपनी बात बैठकर कहना चाहता हूं। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें बैठकर अपनी बात रखने की अनुमति दी। इसके बाद तेजस्वी यादव ने सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “इस सरकार की नींद बेटियों की चीख से भी नहीं टूटती। इस सरकार की दो ही पहचान हैं – एक झूठी वाहवाही और दूसरी पूरी लापरवाही।”

तेजस्वी यादव ने अपने आरोपों के समर्थन में क्राइम डेटा भी सदन में पेश किया और सवाल किया कि “कहां है कानून का राज ? भाजपा नेताओं ने लोकतंत्र को गन तंत्र में बदल दिया है।इस पूरे क्रम में सदन में गर्मागरम बहस का माहौल बन गया और बजट सत्र के दौरान विपक्ष ने सरकार की नीतियों पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दर्ज कराई।

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