NEWS PR डेस्क: बिहार की राजधानी पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध परिस्तिथियों में हुई मौत से जुड़े मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के बयान पर अब राज्य के उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने विपक्ष को खुली चुनौती देते हुए कहा है कि अगर इस मामले में किसी मंत्री या मंत्री के बेटे की संलिप्तता के ठोस सबूत हैं, तो उन्हें सार्वजनिक किया जाए। सरकार 24 घंटे के भीतर सख्त कार्रवाई करेगी।
दरअसल, राबड़ी देवी ने छात्रा के मामले को लेकर राज्य सरकार और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि बिहार में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। राबड़ी देवी ने यह भी दावा किया था कि इस पूरे मामले में किसी मंत्री या मंत्री के बेटे की भूमिका हो सकती है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई।
राबड़ी देवी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार (06 फरवरी, 2026) को कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति कर रहा है। सम्राट चौधरी ने कहा कि राबड़ी देवी स्वयं बिहार की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं, ऐसे में बिना सबूत इस तरह के आरोप लगाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर राबड़ी देवी को वाकई पता है कि किसी मंत्री या मंत्री के बेटे का इसमें हाथ है, तो उन्हें नाम सामने लाना चाहिए। नाम नहीं बताने का मतलब साक्ष्य छिपाना है। उपमुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि अगर किसी भी मंत्री या उनके बेटे का नाम इस मामले में सामने आता है, तो 24 घंटे के भीतर उसे जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
इस प्रकरण ने बिहार की राजनीति में नई सरगर्मी पैदा कर दी है, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाज़ी जारी है और अब पूरे मामले की सच्चाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।