भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: वस्त्र उद्योग को मिला बड़ा प्रोत्साहन, निर्यात बढ़ने की उम्मीद

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: भारत और अमेरिका के बीच हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते का वस्त्र मंत्रालय ने स्वागत करते हुए इसे दोनों देशों के बीच वस्त्र व्यापार को नई ऊंचाई देने वाला अहम कदम बताया है। मंत्रालय के अनुसार यह समझौता भारतीय वस्त्र उद्योग के लिए एक बड़े आर्थिक गेम चेंजर के रूप में उभर सकता है और निर्यात को मजबूत गति देगा।

इस समझौते के तहत भारतीय वस्त्र निर्यातकों के लिए अमेरिका का 118 बिलियन डॉलर का विशाल वैश्विक आयात बाजार खुलने की उम्मीद है। इसमें वस्त्र, परिधान और तैयार उत्पाद शामिल हैं। अमेरिका पहले से ही भारत का सबसे बड़ा वस्त्र निर्यात गंतव्य है, जहां भारत का निर्यात करीब 10.5 बिलियन डॉलर का है। इसमें लगभग 70 प्रतिशत परिधान और 15 प्रतिशत तैयार उत्पाद शामिल हैं, जो इस क्षेत्र में अपार संभावनाओं को दर्शाता है।

2030 के निर्यात लक्ष्य को मिलेगा बल

उद्योग को उम्मीद है कि यह समझौता भारत के 2030 तक 100 बिलियन डॉलर के वस्त्र निर्यात लक्ष्य को हासिल करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। अनुमान है कि इस लक्ष्य में अमेरिका की हिस्सेदारी एक-पांचवें से अधिक हो सकती है, जिससे भारतीय वस्त्र उद्योग को आवश्यक गति मिलेगी।

पारस्परिक शुल्क से बढ़ेगी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त

समझौते के तहत परिधान और तैयार उत्पादों सहित सभी वस्त्र उत्पादों पर 18 प्रतिशत पारस्परिक शुल्क लागू होगा। इससे भारतीय निर्यातकों को होने वाला नुकसान दूर होगा और वे बांग्लादेश (20%), चीन (30%), पाकिस्तान (19%) और वियतनाम (20%) जैसे प्रमुख प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में आ जाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे वैश्विक खरीदार अपनी सोर्सिंग रणनीति पर पुनर्विचार करेंगे और भारत की ओर झुकाव बढ़ेगा।

लागत घटेगी, निवेश और रोजगार बढ़ेगा

इस समझौते से भारतीय वस्त्र उद्योग को लागत प्रतिस्पर्धात्मक बनने में मदद मिलेगी। अमेरिका से टेक्सटाइल इंटरमीडिएट्स की सोर्सिंग संभव होने से जोखिम कम होंगे और देश में मूल्य-वर्धित वस्त्रों का निर्माण आसान होगा। इससे उत्पादन और निर्यात का विविधीकरण भी होगा।

वस्त्र मंत्रालय के अनुसार, इस समझौते से अतिरिक्त रोजगार के अवसर सृजित होंगे और अमेरिकी संस्थाओं द्वारा भारत में निवेश को भी प्रोत्साहन मिलेगा। कुल मिलाकर, यह समझौता भारतीय वस्त्र उद्योग को वैश्विक बाजार में मजबूत स्थिति दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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